मुंबई हाई कोर्ट ने शनिवार को 'ड्रंक एंड रेप्ड' जैसे मामलों में अहम फ़ैसला सुनाया. हाई कोर्ट ने कहा कि शराब पीने के बाद किसी महिला का सेक्स के लिए हां कहना भी उसकी सहमति नहीं माना जा सकता. नशे में कई बार लोग फ़ैसले लेने के लिए मानसिक रूप से नाकाबिल होते हैं, ऐसे में महिला का फ़ैसला सही नहीं माना जा सकता.

कोर्ट ने कहा कि अगर कोई महिला सेक्स के लिए केवल एक बार भी मना करती है तो उसका जवाब न ही समझा जाना चाहिए. उसकी मनाही के बाद किसी भी तरह के शारीरिक संबंध को रेप माना जाएगा क्योंकि, सेक्स जैसे संवेदनशील फ़ैसलों के लिए महिला का अपने होश-ओ-हवास में रहना जरूरी है और अगर कोई महिला नशे में सेक्स के लिए हांमी भरती भी है तो भी उसे रेप करने का कारण नहीं ठहराया जा सकता.

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जस्टिस मृदुला भटकर ने हाल ही में ये फ़ैसला लिया है. उन्होंने पुणे के एक शख़्स की ज़मानत की अर्ज़ी को खारिज़ किया है. 24 साल के अभिनय साही और उसके दो दोस्तों पर एक महिला के साथ गैंगरेप का आरोप है. डीएनए रिपोर्ट के मुताबिक, महिला को शराब पिलाने के बाद अभिनय और उसके साथियों ने इस हरकत को अंजाम दिया है.

वहीं, साहिल के वकील का कहना था कि महिला ने सेक्स के लिए हामी भरी थी और अपनी मर्ज़ी से शराब भी पी थी. वकील ने कहा कि उसने कॉकटेल के चार शॉट लिए थे और उसके बाद महिला को नशे की हालत में अभिनय के दोस्त के फ्लैट पर ले जाया गया था.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए जज ने ये भी कहा कि सेक्स में महिला की हांमी के व्यापक पहलू हैं. कई बार महिलाओं की चुप्पी और अनिश्चितता का मतलब भी होता है कि वे शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहती. ये जरूरी है कि सेक्स जैसे मामलों में सभी पहलुओं पर संवेदनशीलता बरती जाए.

वही महिला का कहना है कि उसने शराब नहीं पी थी, बल्कि उसकी ड्रिंक्स में कुछ मिलाया गया था जिससे वह बेहोश हो गई थी. बेहोश होने के बाद, तीनों आरोपियों ने महिला को अपने घर ले जाकर रेप किया.

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हालांकि इस मामले में वहां मौजूद रेस्टोरेंट्स के वेटर्स और दूसरे चश्मदीदों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं थीं, लेकिन जस्टिस भटकर का कहना था कि अगर महिला नशे में थी और ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थी तो आरोपियों ने उस लड़की को अपने साथ ले जाने के बजाए, उसके खुद के घर क्यों नहीं छोड़ दिया? जस्टिस भटकर ने हालांकि बाकी दोनों आरोपियों को इस मामले में ज़मानत दे दी है लेकिन इस ऐतिहासिक फ़ैसले ने कई महिलाओ के लिए न्याय का रास्ता खोल दिया है.

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