अपने वज़न को ले कर सुर्ख़ियों में आई एमन अहमद का नाम तो आपको याद ही होगा. इजिप्ट की रहने वाली एमन अहमद अपने 498 किलो के वज़न से छुटकारा पाने के लिए बड़ी उम्मीदों के साथ भारत आई.

डॉक्टरों ने भी Bariatric सर्जरी करके एमन के वज़न को 498 किलो से कम करके 340 किलो कर कुछ हद तक कामयाबी हासिल की. हालांकि एमन का वज़न अब भी एक समस्या बना हुआ है. डॉक्टरों का कहना है कि इस सर्जरी का लाभ तो हुआ है पर अभी भी उसके प्रभाव पूरी तरह से नहीं दिखाई दे रहे हैं.

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एमन की सर्जरी कर रही टीम के एक डॉक्टर मुफ्फज़ल लकड़ावाला का कहना है कि 'एमन एक ख़ास तरह के जेनेटिक डिसऑर्डर LEPR से ग्रसित है. इस जीन की रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ़ मेरीलैंड के स्कूल ऑफ़ मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने पर्सनलाईज़ड डायबिटीज़ मेडिसिन प्रोग्राम के तहत की थी. डॉ. आगे कहते हैं कि एमन के मोटापे की वजह ये जीन भी है.

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एमन का शरीर जेनेटिक डिसॉर्डर से ग्रसित है, जिसे Senior-Loken सिंड्रोम कहा जा रहा है. हालांकि डॉक्टरों का मानना है इसका उनके मोटापे से कोई सम्बन्ध नहीं है. वो कहते हैं कि एमन के मामले में 'लेप्टिन' नाम का एक हार्मोन है, जो दिमाग़ को चुप-चाप संदेश भेजता है कि लिक्विड के ज़रिये Fat को स्टोर होने दो. वो आगे कहते हैं कि एमन के इन हालातों का कोई उपचार नहीं है.

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डॉ. लकड़ावाला कहते हैं कि सर्जरी के ज़रिये हमने इस लिक्विड को बाहर निकाल दिया है, पर मोटापा अब भी असली समस्या है.

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फ़िलहाल एमन डॉक्टरों की निगरानी में डाइट चार्ट फ़ॉलो करने के साथ ही फिज़ियोथेरेपी का सहारा ले रही है. इसके अलावा डॉक्टर रोज़ाना उसका CT स्कैन भी कर रहे हैं.

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