हाल ही में वैज्ञानिकों ने 104 सेटेलाइट्स को अंतरिक्ष में छोड़ कर एक नया मुकाम हासिल किया है. सरकार हर साल शिक्षा पर कोरोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इतना आगे पहुंचने के बावजूद हम आज तक अन्धविश्वास की बेड़ियों से खुद को आज़ाद नहीं कर पाए हैं. ये अन्धविश्वास हमारे समाज में कुछ इस कदर अपना घर बना चुका है कि महाराष्ट्र सरकार को इसे रोकने के लिए अन्धविश्वास उन्मूलन कानून तक लाना पड़ा.

भटिंडा के कोटफत्ता गांव में अन्धविश्वास का एक ऐसा ही मामला देखने को मिला है, जहां कानून को दरकिनार कर के एक बाप और उनकी दादी ही अपने बच्चों के हत्यारे बन बैठे. ख़बर के अनुसार 5 वर्षीय रणजोध सिंह और 3 वर्षीय इनामिका के बारे में उनके पिता और दादी का कहना था कि 'पिछले कुछ दिनों से दोनों के ऊपर किसी बुरी आत्मा का साया था. इसे दूर करने के लिए उन्होंने तांत्रिक गतिविधियों का सहारा लिया. वो पिछले कई दिनों से बच्चों की लगातार पिटाई कर रहे थे. बुधवार की रात उन्होंने बच्चों की मां कुलविंदर कौर को कमरे में बंद करके बच्चों को मौत के घाट उतार दिया.

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