5 साल पहले South Carolina में फायर फाइटर का काम करने वाले Marc Hadden को एक इमरजेंसी कॉल आया. वो खुद ये नहीं जानते थे कि एक कॉल किस कदर उनकी ज़िन्दगी को बदल सकती है. उस दिन को याद करते हुए Hadden कहते हैं कि 'वो एक आम दिन था. सुबह से किसी की कोई कॉल नहीं आई थी. हम भी खाना खाने के लिए बैठे ही थे कि हमें एक कॉल आया, जो एक महिला की थी.' महिला ने बहुत जोर से होने वाले पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद Hadden और उनके सहयोगी मदद के लिए पहुंचे. वहां पहुंचते ही उन्हें समझने में देर नहीं लगी कि महिला को प्रसव पीड़ा हुई है.

Hadden कहते हैं कि 'ये हमारे लिए गंभीर हालात थे, किसी तरह से महिला को ऑक्सीजन दिया और एम्बुलेंस को लेकर मदद के लिए निकलने लगे. पर मेरे दोस्त ने कहा हमारे पास मदद के लिए वक्त नहीं है, हमें यहीं कुछ करना पड़ेगा.'

दोनों कुछ कर पाते कि उससे पहले ही महिला ने एक बच्ची को जन्म दे दिया, जिसके बाद Hadden और उनके सहयोगी महिला और बच्ची को हॉस्पिटल ले गये. हॉस्पिटल पहुंच कर Hadden को पता चला कि महिला बेसहारा है. महिला ने Hadden को बच्ची को अडॉप्ट करने के लिए कहा.

Hadden और उनकी पत्नी Beth अपने तीसरे बच्चे के लिए सोच ही रहे थे कि बच्ची के रूप में उनकी ये ख्वाहिश भी पूरी हो गई. Hadden और उनकी पत्नी ने Beth इस बच्ची को Rebecca Grace Hadden नाम दिया.

मार्च 2012 में Hadden को बच्ची की कानूनी कस्टडी मिल गई, जिसके बाद से बच्ची Hadden के परिवार का हिस्सा बन गई. Hadden इसके बारे में कहते हैं कि 'ये बहुत ही प्यारी बच्ची है. इसे जिमनास्ट का भी शौक है. अगले साल मैं अपनी बेटी का दाखिला उसी स्कूल में करवाने वाला हूं, जहां मेरी बीवी पढ़ाती है.'

Source: today