पूर्व सरकार के समय जिन चीज़ों का विरोध हुआ, उनमें उनकी नीतियों के अलावा GST भी एक ऐसा मुद्दा था, जिस पर विपक्ष ने जम कर उंगली उठाई थी, पर खुद सत्ता में आने के बाद नई सरकार भी पूर्व सरकार की राह पर चलते हुए दिखाई दी. पूर्ण बहुमत वाली ये सरकार संसद में GST को पास कराने में कामयाब रही.

हाल ही में श्रीनगर में हुई GST कॉउंसिल की दो दिवसीय बैठक के बाद 1 जुलाई से देश में इसे लागू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी गई. GST बैठक में जिन 1211 चीज़ों के टैक्स पर बहस की गई, उनमें से 1205 वस्तुओं को इसके दायरे में लाया गया है. इस मौके पर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली भी मौजूद रहे.

GST के लागू होने के बाद लोगों को 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत के हिसाब से टैक्स देना होगा, जिससे खाने से ले कर रोज़ाना इस्तेमाल में होने वाली चीज़ों के मूल्य में कमी आएगी. जबकि कार समेत अन्य 55 कैटगरी के लिए अतिरिक्त सेस का प्रवधान किया गया है. स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं को GST के दायरे से फ़िलहाल दूर रखा गया है.

GST के बाद लोगों के अंदर उलझन है कि किन चीज़ों में उन्हें कितना टैक्स देना होगा? इसी उलझन को दूर करने के लिए आज हम इससे जुड़ी कुछ जानकारियां ले कर आये हैं, जो आपको बताएंगी कि आपको कहां टैक्स देना है और कहां आपको छूट मिली है.

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