जर्मनी का एक दंपति यूं तो दुनिया की सैर करने निकला था लेकिन इस यात्रा के दौरान उन्हें एक बड़ा झटका भी सहना पड़ा. दरअसल भारत की यात्रा करते हुए ये कपल, चेन्नई के मरीना बीच पर अपने कुत्ते को खो बैठा लेकिन इस कपल की किस्मत अच्छी थी कि उन्हें चेन्नई की एक महिला का साथ मिला जिसने उनका खोया हुआ लैब्राडोर वापस लौटा दिया. इस कपल ने ल्युक को ग्रीस की सड़कों से एडॉप्ट किया था. दुनिया घूमने के अपने प्लान के चलते इन्होंने ल्युक का पासपोर्ट भी तैयार कराया और अपनी यात्रा के लिए निकल पड़े.

ये तीनों इस साल जुलाई के दौरान चेन्नई में ही थे. एक शाम इस दंपति की नज़रें बचाते हुए ल्युक को किडनैप कर लिया गया. एक चश्मदीद के मुताबिक, इस कुत्ते को एक शख़्स ऑटोरिक्शा में लेकर जा रहा था.

अपने कुत्ते को ढूंढने के लिए जर्मन कपल ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और पेट्रोल स्टेशंस पर पोस्टर्स तक चिपकाए. ये दोनों अपने कुत्ते से इतना प्यार करते थे कि ल्युक का सुराग देने पर उन्होंने 60,000 रुपये की ईनामी राशि भी रखी. जल्दी ही चेन्नई के कई लोग इस कपल के पास ल्युक जैसे ही दिखने वाले कुत्तों को लेकर पहुंचने लगे लेकिन अब भी ल्युक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था.

लेकिन चेन्नई की विजया नारायणन नाम की महिला की वजह से ल्युक अपने घर वापस आ गया. विजया एक एनिमल रेस्कयुर हैं और इस कपल से मिलने के बाद वे कई महीनों से इस कुत्ते की तलाश कर रही थीं. आखिरकार एक युवा शख़्स ल्युक को एक वेट क्लीनिक लेकर आया, तब जाकर इस कुत्ते के बारे में खुलासा हो पाया.

ल्युक के मालिक जैनिन स्कारेनबर्ग ने फ़ेसबुक पर लिखा, 'कल हम सबकी तस्वीर आपके सामने होगी लेकिन आज मैं आप सब लोगों के साथ एक तस्वीर साझा कर रहा हूं. ये मेरी दोस्त विजया है. वे पिछले कई महीनों से ल्युक को ढूंढने की कोशिश करती रही. मेरा कुत्ता जब खोया था तब तक मैं विजया के लिए अंजान था लेकिन अजनबी होने के बावजूद उन्होंने हमारी मदद की. उन्होंने हज़ारों रिक्शा वालों से बात की, हज़ारों पोस्टर छपवाए. उनके बिना ये किसी भी हालत में संभव नहीं हो पाता और मैं उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता हूं.'

Source: Thenewsminute