सरकार बेशक कितनी भी महिला सुरक्षा की बात कर ले. 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के नारे दे ले, पर असलियत ये है कि महिलाएं तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक हम खुद उनका सम्मान नहीं करते. बंगलुरु में हुई नए साल की घटना ने जहां सारे देश को शर्मसार किया, वहीं अब भी कुछ ऐसे बेशर्म लोग हैं, जो खुले आम महिलाओं को वासना की वस्तु समझने पर तुले हुए हैं.

ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश का है, जहां पुलिस ने दावा किया है कि राज्य में लड़कियों के मोबाइल नंबरों की खुलेआम बिक्री हो रही है. हिंदुस्तान में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, ये मोबाइल नंबर, फ़ोन रीचार्ज करने वाली दुकानों पर खुलेआम बिक रहे हैं.

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक लड़कियों की सुन्दरता के आधार पर उनके फ़ोन नंबर के रेट भी अलग-अलग हैं. अगर लड़की साधारण दिखने वाली है, तो उसके नंबर के 50 रुपये लिए जाते हैं जबकि सुंदर लड़की का नंबर 500 रुपये में बेचा जाता है. इसके अलावा ये खबर भी है कि लोगों को नकली नंबर उपलब्ध कराने के लिए जाली डाक्यूमेंट्स का इस्तेमाल किया जाता है.

हिंदुस्तान की ये रिपोर्ट आगे कहती है कि 15 नवंबर 2012 से 31 दिसंबर 2016 के बीच महिला हेल्पलाइन पर कुल 6,61,129 शिकायतें आईं, जिनमें से 5,82,854 शिकायतें टेलीफ़ोन पर परेशान करने वालों को ले कर थीं.

इस बाबत शाहजहांपुर से एक 24 वर्षीय लड़के को भी हिरासत में लिया गया है, जिसने अख़बार को बताया कि ऐसे ही नंबर को खरीद कर वो लड़कियों को परेशान करता था और उन्हें अश्लील मेसेज और वीडियो भी भेजा करता था.\

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