एक 24 साल की लड़की अपने बॉयफ्रेंड को दीवानगी की हद तक चाहती थी. लेकिन ये शख़्स सरकारी नौकरी लगने के बाद अपने घरवालों के दबाव के आगे झुक गया और लड़की ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाई.

सहारनपुर से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर यमुना कैनाल में कूदकर ये लड़की अपनी ज़िन्दगी खत्म कर लेना चाहती थी. वह इतनी परेशान थी कि मौत के अलावा उसे कोई और रास्ता नहीं सूझ रहा था. लेकिन पानी के ख़तरनाक बहाव को देखते हुए इस लड़की के दिमाग में एक आसान मौत के विचार आने लगे.

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तड़प-तड़पकर और दर्दनाक मौत से बेहतर था कि मरने का कोई आसान तरीका अपनाया जाए. यही कारण था कि लड़की ने गूगल पर मौत के आसान तरीकों को सर्च किया, लेकिन वो डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल पुलिस को फोन मिला बैठी. इस अफसर ने इस लड़की की आपबीती सुनी और सुसाइड की जगह काउंसलिंग का ऑप्शन मुहैया करा इस महिला की जान बचाने में कामयाब रहे.

दरअसल जब भी कोई इंसान 'आत्महत्या कैसे करें' जैसे सवालों के बारे में सर्च करता है, तो गूगल इस सर्च के परिणाम दिखाने के बजाय कई और साइट्स और नंबरों की सुविधा उपलब्ध करा देता है. इसमें कई देशों की काउंसलिंग हेल्पलाइन के नंबर भी मौजूद होते हैं. ऐसे ही किसी एक नंबर पर ये महिला फोन लगा बैठी थी और उसने सुसाइड का निर्णय त्याग दिया.

डीआईजी जितेन्द्र कुमार साही ने बताया कि "3 जनवरी को उन्हें पब्लिक नंबर से एक लड़की का फोन आया. वह बहुत ज़्यादा परेशान लग रही थी और अपनी ज़िन्दगी खत्म करना चाहती थी. इस लड़की ने गूगल पर ये भी सर्च किया था कि अपनी ज़िन्दगी को कैसे खत्म किया जाए. सर्च के नतीजों में इस लड़की को मेरा नंबर भी मिला और उसने मेरे नंबर पर फोन मिला दिया. मैंने उसकी बातें सुनी और उसकी परेशानी को ठीक से समझने के लिए मैंने इस लड़की को अपने ऑफिस बुला लिया."

लड़की ने ऑफिस पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई. ये महिला कई सालों से एक लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी, लेकिन हाल ही में इस शख़्स की सरकारी नौकरी लग जाने के बाद वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कुछ अनमने ढंग से पेश आने लगा था. दरअसल घरवालों के दबाव की वजह से इस व्यक्ति ने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने का मन बना लिया था और इसी बात से ये लड़की काफी डिप्रेशन में थी.

जितेन्द्र ने कहा कि "हमारा ऐसे केसेज़ से रोज सामना होता है. कुछ मामलों में लड़कियां रिश्ता खत्म हो जाने के बाद लड़के पर प्रताड़ना के आरोप भी लगा देती हैं, लेकिन ये लड़की भावनात्मक तौर पर काफी परेशान थी और उसे मदद की ज़रूरत थी. उसने अपने बॉयफ्रेंड के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाए, क्योंकि वह अब भी चाहती है कि उसका रिश्ता टूटने से बच जाए. मैंने इस मामले में वीमेन पुलिस स्टेशन के ऑफिसर को मामला संभालने की सूचना दे दी है."

वीमेन पुलिस स्टेशन की एसओ के मुताबिक, "डीआईजी से मुलाकात के तुरंत बाद ये लड़की मेरे पास भेजी गई थी और मैंने उसे हिम्मत से काम लेने और किसी से न डरने की सलाह दी थी. इसके अलावा हमने लड़के से भी बातचीत की है. खास बात ये है कि इस काउंसलिंग सेशन में लड़का और लड़की दोनों मौजूद थे. हमने इस कपल को यही सलाह दी है कि वे अपने रिश्ते को बचाने की हरसंभव कोशिश करें और इस मामले में ठंडे दिमाग से काम लें."

तकनीक ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता का बेमिसाल नजारा पेश करते हुए एक लड़की की जान को बचाने में कामयाबी  हासिल की है. गूगल के इस फीचर के बारे में भले ही ज्यादा चर्चा न होती हो लेकिन यह खतरनाक डिप्रेशन के दौर से गुजर रहे लोगों को एक नई जिंदगी मुहैया कराने की अद्भुत रणनीति के तौर पर सामने आया है.