कहते हैं कि ऊपर वाला जोड़ियां को आसमान से बना कर धरती पर भेजता है. सऊदी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग का काम रहे मोहम्मद शाहनवाज़ आलम और हैदराबाद की हेयरा जावेद को देख कर ये कहावत सच होती हुई दिखाई देती है.

ख़बरों के मुताबिक, मोहम्मद शाहनवाज़ आलम और हेयरा जावेद की शादी बेनिकपुकुर के यूनाइटेड प्लेस में होने वाली थी, पर शादी से एक दिन पहले हेयरा एक दुर्घटना का शिकार हो गई जिसके बाद इमरजेंसी की हालत में उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट कराना पड़ा. घर में शादी के माहौल में इस एक्सीडेंट ने हर किसी के दिल में टेंशन पैदा कर दी और परिवार वालों को शादी टूटती हुई दिखाई दे रही थी.

हॉस्पिटल के सीईओ मुसरफा होसैन का कहना है कि '30 लोगों के साथ शादी के लिए बारात निकल चुकी थी. बीते सोमवार को हेयरा को हल्दी भी लग चुकी थी कि शाम को उसे उल्टी और पेट में दर्द होने लगा. दर्द के असहनीय होने पर हेयरा को मंगलवार सुबह हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया. हमें मालूम था कि बुधवार शाम को हेयरा की शादी होनी है, पर उसकी मेडिकल कंडीशन ऐसी नहीं थी कि हम उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दें.'

हेयरा के भाई नाहिद शमीम का कहना है कि 'हम किसी अनहोनी के बारे में सोच कर डर ही रहे थे कि शाहनवाज़ ने हेयरा से हॉस्पिटल में ही शादी का ही मन बना लिया. उन्हें देख कर लगता है कि हीरो सिर्फ़ फ़िल्मों में ही नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी होते हैं. मैंने शाहनवाज़ से कहा भी कि वो बिलकुल 'विवाह' फ़िल्म के शाहिद कपूर की तरह हैं, जो दुल्हन के जल जाने के बावजूद उससे शादी करते हैं.'

शादी वाली रात हेयरा को दुल्हन के लिबास में व्हील चेयर पर बैठा कर कांफ्रेंस रूम में लाया गया, जहां काज़ी ने घर वालों की मौजूदगी में हेयरा और शाहनवाज़ का निकाह करवाया. अपनी शादी के बारे में बात करते हुए हेयरा कहती हैं कि 'मैं खुश भी हूं और दुखी भी. मैं खुश इसलिए हूं क्योंकि आख़िरकार इतनी अड़चनों के बावजूद हमारी शादी हो गई, पर मुझे इसका दुःख है कि ये शादी उस तरह से नहीं हुई जैसे हमने सोचा था.'

Source: indiatimes