संजय मिश्रा इस दौर के महत्वपूर्ण कैरेक्टर एक्टर हैं. इंड्रस्टी में पैर जमाने के दौरान अपने शुरुआती वर्षों में ही 'सत्या' और 'दिल से' जैसी फ़िल्मों में उन्होंने अपनी अदाकारी के जौहर दिखाए थे. संजय के लिए एक दौर ऐसा भी आया था जब वे स्टीरियोटाइप होकर रह गए थे लेकिन 'मसान' और 'आंखों देखी' जैसी फ़िल्मों में अपने अद्भुत अभिनय से वे एक बार फिर बॉलीवुड के फलक पर अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. पिछले डेढ़ दशक में संजय ने कई फ़िल्में की, कुछ हिट हुईं तो कुछ बॉक्स ऑ़फ़िस पर असफ़ल साबित हुई लेकिन जो एक चीज़ इस दौरान कॉमन रही वो थी उनकी अद्भुत डायलॉग डिलीवरी.

अपने कॉमिक और ग्रे शेड वाले कैरेक्टर रोल्स से लोगों के दिलों में जगह बना लेने वाले संजय का आज जन्मदिन है और इस मौके पर उनके मारक डायलॉग्स को याद करने से बेहतर आखिर क्या होगा ?