हम जिन्हें हर 5 साल में वोट देकर सत्ता की कुर्सी पर बैठते बनाते हैं, उनका कर्तव्य बनता है कि देश को तरक्की की राह पर ले जाएं, मगर होता इसका उलटा है. सरकार हमसे टैक्स तो वसूलती है और करोड़ों करदाताओं द्वारा दिए गए इन पैसों को अपनी पार्टी और फ़िज़ूल की चीज़ों में जी खोल कर लुटाती है. गुजरात में बन रही स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी इसी का एक नमूना है. इसमें तकरीबन 3000 करोड़ रुपये का ख़र्च आया है, जिसका विरोध जनता कर रही है. विरोध का कारण जायज़ है, जिस देश के अधिकतर लोग गरीबी रेखा के नीचे जी रहे हों, वहां 3000 करोड़ एक मूर्ती पर ख़र्च करना उनकी ग़रीबी के साथ बेईमानी है.

वैसे ये पहला मौका नहीं है जब सरकार ने इस तरह से जनता की गाढ़ी कमाई को पानी में डाला हो:

40 आईफ़ोन- कर्नाटक

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इसी साल जुलाई में कर्नाटक की सरकार ने अपने 40 सांसदों को 1 लाख से अधिक कीमत वाले आईफ़ोन गिफ़्ट में दिए थे. तब बीजेपी के एक सांसद ने सीएम कुमारस्वामी पर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया था.

शिवाजी मेमोरियल- महाराष्ट्र

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महाराष्ट्र सरकार अरब सागर में शिवाजी मेमोरियल बनवा रही है. इसमें शिवाजी की 192 मीटर ऊंची प्रतिमा बनाने का प्रस्ताव है. इस पर तकरीबन 3600 करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे.

बुलेट ट्रेन- क्रेंद्र सरकार

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केंद्र सरकार मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन दौड़ाने वाली है. इस परियोजना की लागत करीब 90 हज़ार करोड़ रुपये है.

आरएसएस हेडक्वाटर- नागपुर

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केंद्र सरकार ने आरएसएस के हेडक्वाटर को रेनोवेट करने के लिए पब्लिक फ़ंड से 1.37 करोड़ रुपये जारी कर दिए. इस संदर्भ में मुंबई हाईकोर्ट ने सरकार को जवाब तलब भी किया था.

सचिवालय-तेलंगाना

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तेलंगाना सरकार हैदराबाद में नया सचिवालय बनवा रही है. इसे सीएम चंद्रशेखर राव वास्तु कला के हिसाब से बनवा रहे हैं. इसके लिए अलग से 200 करोड़ रुपये ख़र्च किए जाएंगे.

योगा डे एसएमएस- केंद्र सरकार

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कंद्र सरकार ने योग दिवस पर लोगों को जागरुक करने के लिए करोड़ों एसएमएस भेजें. एक आरटीआई द्वारा ये ख़ुलासा हुआ कि इसमें लगभग 15.87 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए.

आम आदमी पार्टी विज्ञापन- नई दिल्ली

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दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार की योजनाओं के प्रचार के लिए 526 करोड़ रुपये विज्ञापन में फूंक डाले.

विज्ञापन- केंद्र सरकार

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इसी तरह केंद्र सरकार ने भी अपने परियोजनाओं के बारे में लोगों को बताने के लिए 3775 करोड़ रुपये ख़र्च कर डाले.

सीएमओ- महाराष्ट्र

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महाराष्ट्र सरकार के सीएमओ ऑफ़िस ने 304 करोड़ रुपये की चाय पी डाली. मतलब सचिवालय में 18500 कप चाय रोज़ाना सर्व की गई.

अंबेडकर स्मारक- उत्तर प्रदेश

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साल 2012 में यूपी की सीएम मायावती ने प्रदेश में अंबेडर स्मारक और पार्टी के चिन्ह हाथी की कई मूर्तियां बनवाई थीं. लखनऊ विकास प्राधिकरण के मुताबिक इसमें टैक्स पेयर्स का 6000 करोड़ रुपया ख़र्च हुआ था.

भगवत गीता-हरियाणा

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हरियाणा सरकार ने पब्लिक फ़ंड से भगवत गीता की 10 प्रतियां छपवाई. इनकी कीमत तकरीबन 4 लाख रुपये थी.

अगली बार जब इनका कोई प्रतिनिधि आपसे वोट मांगने आए, तो उन्हें ये सोच कर वोट मत देना कि उन्होंने आपके धर्म के बारे में क्या अच्छा-बुरा कहा. बल्कि इस आधार पर कि क्या उन्होंने आपके लिए काम किया या अगर आपसे चुनावी वादे किये, तो क्या वो वादे आपके विकास में काम आएंगे?