जिस घटना के बारे में आज आपको बता रही हूं, उसके लिए 'छेड़-छाड़' शब्द बहुत हल्का है. हर दिन अख़बार रेप, छेड़-छाड़, यौन शोषण की ख़बरों से पटे रहते हैं. जगहों के नाम बदल जाते हैं पर दरिंदों के इरादे वही होते हैं. इस बार हैदराबाद में दिन-दहाड़े छेड़-छाड़ की घटना वीडियो में रिकॉर्ड की गयी है.

मौका था गणेश विसर्जन का, सड़कों पर भीड़ थी, धार्मिक उत्सव मनाने लोग घरों से बाहर निकले थे. यहां मौजूद थे ऐसे घिनौनी सोच वाले लोग जो सिर्फ़ भीड़ में होने का फ़ायदा उठाने के लिए थे. क्या बुज़ुर्ग, क्या जवान और क्या बच्ची, इन हैवानों के लिए सब बस शिकार थे. इन्हें महिलाओं में केवल स्तन और कूल्हे नज़र आते हैं, जिन्हें भीड़ का फ़ायदा उठा कर दबाने में ये अपनी जीत समझते हैं. किसी की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ उसके शरीर को गलत तरीके से छूना इन्हें मज़ा देता है. इनके लिए न कोई बेटी होती है, न बहन, न मां, इनके लिए औरत बस एक उपभोग की वस्तु होती है.

इस बार भी वही हुआ, लड़कियों के साथ घिनौनी हरकतें की गयीं. अगर आप इंसान हैं तो इस वीडियो को देख कर आपका मन घिन से भर जायेगा. आप देख सकते हैं कैसे मनचले महिलाओं को छू रहे हैं, उन पर फब्तियां कस रहे हैं, सीटी बजा रहे हैं, उन पर पानी फेंक रहे हैं, उनका पीछा कर रहे हैं, उनके साथ तस्वीरें ले रहे हैं. ऐसा करते हुए इन्हें उस भगवान का डर भी नहीं होता, जिसके भक्त बन कर ये भीड़ में घुसे थे.

हैदराबाद पुलिस की She Team ने इन लोगों को इस बार रंगे हाथ पकड़ा है. ये टीम महिला सुरक्षा को बढ़ाने के लिए काम करती है. 30 दरिंदों की हरकतें कैमरे में कैद हुई हैं, पर यकीनन इनकी संख्या इससे कहीं ज़्यादा होगी. कुछ पकड़े गए पर कितने बच निकले, इसका कोई हिसाब नहीं है.

सुनसान जगहों में ही नहीं, भीड़-भाड़ वाली जगहों में भी ये जानवर अपनी हरकतों से बाज़ नहीं आते. जब तक ऐसे लोग हैं, महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं. शायद ही ऐसी कोई लड़की होगी, जिसने पब्लिक ट्रांसपोर्ट की भीड़ में ऐसा कुछ अनुभव न किया हो.

हां, यही है हमारे समाज का सच, हमें सुनसान जगहों पर डर लगता है और भीड़ में और ज़्यादा डर लगता है. लड़कियां सशक्त हो रही हैं पर सुरक्षित कब होंगी, ये अब भी एक सवाल है.