'दंगल' से अपने फ़िल्मी करियर की शुरुआत करने वाली ज़ायरा वसीम उस समय ट्विटर पर ट्रोल की जाने लगी, जब जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती के साथ मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने लगी. ज़ायरा को ट्रोल करने वाले इस बात को भी भूल गए कि वो अभी एक बच्ची है. खुद ज़ायरा को भी ये बात समझ में नहीं आ रही थी कि आखिर किस बात पर उसे ट्रोल किया जा रहा है.

ऐसा ही कुछ वाकया उस समय भी हुआ था, जब कश्मीर के रहने वाले शाह फैज़ल ने UPSC में टॉप किया था. फैसल भी इस बात से परेशान थे कि आखिर उनकी किस गलती के लिए उन्हें टारगेट किया जा रहा है.

खैर, अपने अनुभवों को आधार बना कर फैसल ने ज़ायरा वसीम को सोशल मीडिया पर एक संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि:

कश्मीर में एक बहुत पुरानी कहावत है कि जब घर में मुर्गी अंडा दे तो कहते हैं 'वुना कांसी वनाख', मतलब किसी को कुछ मत कहिये. हमारे पूर्वज काफी ज़्यादा समझदार थे. ऐसे ही जब आपके बच्चे सफलता की बुलन्दियों को चुम रहे हों, तो भी किसी को कुछ मत कहिये.

फ़िल्म में काम करने के बाद ज़ायरा को कश्मीर के बच्चों के बीच एक आदर्श के रूप में देखा जा रह था, पर कुछ लोगों ने ज़ायरा के काम की आलोचना की और कहा कि वो किसी के लिए कोई आदर्श नहीं हो सकती. इस बिना सिर-पैर वाली बात के लिए ज़ायरा लोगों से माफ़ी भी मांग चुकी हैं, पर शायद लोगों को ये भी नागवारा था.

Source: indiatimes