देहरादून में इंडियन मिलिट्री अकैडमी में 2 दिनों के अंदर दूसरे IMA कैडेट की मौत हो गयी है. ऐसा दस किलोमीटर की दौड़ के बाद हुआ है. डिहाइड्रेशन की वजह से दोनों कैडेट्स की मौत हुई है. पहले दार्जीलिंग के 24 वर्षीय नबीन कुमार छेत्री की मौत हुई थी और अब दीपक शर्मा की भी इसी कारण से मृत्यु हो गयी है.

Source: Intoday

IMA के सूत्रों ने बताया कि इस दौड़ के दौरान 7 कैडेट्स बेहोश हो गए थे. इन सभी को देहरादून के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाकि कैडेट्स की हालत स्थिर बताई जा रही है. कैडेट छेत्री की मृत्यु की वजह 'मल्टीप्ल ऑर्गन फ़ेलियर' बताई जा रही है.

इंडियन मिलिट्री अकैडमी के पहले टर्म के कैडेटों के लिए 'पहला कदम' अभ्यास के तहत सहारनपुर ज़िले के बादशाही बाग में ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया था. स्नातक के बाद डायरेक्ट एंट्री के ज़रिये आये कैडेट्स के लिए ये कैंप आयोजित किया गया था.

दौड़ के वक़्त सात कैडेट्स की तबियत बिगड़ गयी. उन्हें फ़र्स्ट ऐड दिए जाने के बाद विशेष ऐंबुलेंस के से मिलिट्री अस्पताल देहरादून ले जाया गया. दीपक शर्मा की हालत गंभीर थी, उन्हें विकास नगर स्थित सबसे नज़दीकी मेडिकल सेंटर ले जाया गया. 18 अगस्त को दिन के डेढ़ बजे उनकी मृत्यु हो गयी और 20 अगस्त को कैडेट छेत्री की.

Source: Blogspot

प्रतिष्ठित इंडियन मिलिट्री अकैडमी की ट्रेनिंग में दो कैडेट्स की जान चले जाने से इन्डक्शन की प्रक्रिया पर सवालिया निशान लग गए हैं. पूर्व सैनिकों ने इन मौतों पर कहा कि ये मौतें होना कैडेट्स की फिज़िकल फ़िटनेस और प्रवेश स्तर पर उनकी जांच कर रहे अधिकारियों की गंभीर चूक को दिखाता है.

रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर नेगी, IMA के पूर्व सेनानायक रह चुके हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने अब तक ऐसा कोई हादसा IMA में होते नहीं देखा है. वो लोग ट्रेनिंग के दौरान थक ज़रूर जाते थे, लेकिन बेहोश होने की नौबत कभी नहीं आई. ट्रेनिंग के लिए कैडेट्स चुनने के लिए बेहतर टेस्ट करने चाहिये.
रिटायर्ड कर्नल एससी त्यागी ने कहा कि ये हादसे दिखाते हैं कि हमारे भविष्य के अधिकारियों में स्टैमिना और शारीरिक मजबूती की कमी है. आजकल की लाइफ़स्टाइल का इसमें बहुत बड़ा हाथ है. इन्डक्शन की प्रक्रिया को और सख्त किये जाने की ज़रूरत है.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि 'पहला कदम' सभी कैम्पस में से सबसे आसान होता है. ऐसे में ये मौतें होना कैडेट्स में शारीरिक सहनशक्ति की कमी होना दिखाता है.

Source: Timesofindia