यूं तो आगरा पूरे विश्व में ताजमहल के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन इस शहर से सटा एक छोटा सा गांव भी कुछ कम फ़ेमस नहीं. वजह है चाय. जी हां, चाय जिसका पूरा इंडिया दीवाना है. यहां हर गली, नुक्कड़, चौराहे, हाइवे पर चाय की दुकान मिल जाती है. मगर हम जिस गांव की बात कर रहे हैं, वहां कोई चाय की दुकान ही नहीं है.

आगरा से 2 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव का नाम है कुआं खेड़ा. यहां आपको एक भी चाय की दुकान नहीं मिलेगी. इसका कारण जानकर आप ये कहेंगे कि 21वीं सदी में भी ऐसा होता है.

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दरअसल, इस गांव में दूध बेचना पाप है. उनका मानना है कि, अगर कोई दूध बेचेगा, तो पूरे गांव पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ेगा. साथ ही उस शख़्स के साथ भी कुछ अनहोनी घटेगी. इसी मान्यता के चलते पिछले कई दशकों से यहां दूध बेचना बैन है.

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और जब दूध ही नहीं मिलेगा, तो चाय की दुकान कैसे चलेगी? कमाल की बात ये है कि यहां के हर घर में आपको गाय-भैंस बंधी मिलेगी. मतलब दूध का उत्पादन होता है, लेकिन उसका व्यवसाय नहीं किया जाता.

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अब आप सोच रहे होंगे कि ये फिर दूध का करते क्या हैं? जवाब है कि ये इसे घर में ही इस्तेमाल कर लेते हैं और फिर भी दूध बच जाए, तो इसे दूसरे गांव के लोंगों को बिना पैसे लिए दे देते हैं.

इस बारे में बात करते हुए गांव के प्रधान राजेंद्र सिंह ने कहा- 'हमारे गांव में ऐसा कई वर्षों से होता आ रहा है. अगर कोई भी इस नियम को तोड़ता है, तो उसके साथ कुछ न कुछ अनहोनी हो जाती है.'

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भले ही आप इसे अंधविश्वास का नाम दे सकते हैं, सच्चाई यही है कि आपको यहां चाय की एक भी दुकान नहीं मिलेगी. ये मुझ जैसे चाय लवर के लिए तो ये बड़े ही दुख की बात है.

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