अगर आप सोचते हैं कि आपने किसी का बुरा नहीं किया, और आपके साथ भी बुरा नहीं होगा, तो ये आपकी गलतफहमी है. किस्मत कभी भी आपको झटका दे सकती है. ज़रूरी नहीं ये आपके बुरे के लिए ही हो, ये उसका तरीका भी हो सकता है आपको एक मुकाम तक पहुंचाने के लिए.

गया, बिहार के रहने वाले 24 साल के शैलेश कुमार एक बेहतरीन खिलाड़ी थे. एक दिन फ़ुटबॉल खेलते हुए शैलेश के पैर में चोट आ गई. चोट ऐसी थी कि वो खुद से चल भी नहीं पा रहे थे. शैलेश ने अपने दोस्त का सहारा लिया और घर को जाने लगे. रास्ते में शैलेश के दोस्त का संतुलन बिगड़ा और वो दानों गिर पड़े. शैलेश को रीढ़ की हड्डी में भयंकर चोट आ गई. शैलेश की कमर के नीचे का हिस्सा खराब हो गया. वो चल भी नहीं सकते थे. शैलेश काफ़ी समय तक बिस्तर पर थे. जिस वजह से पिछले हिस्से में छाले पड़ गए और Urinary Tract इंफ़ेक्शन भी हो गया था. उनको व्हीलचेयर के लायक होने के लिए एक साल लग गया.

जो बचपन से स्पोर्ट्समैन रहा हो, उसे आप खेल से ज़्यादा दूर नहीं रख सकते. शैलेश व्हीलचेयर पर बास्केटबॉल खेलने लगे. उनका व्हीलचेयर पर कंट्रोल और उनकी स्पीड देखते हुए साथ के खिलाड़ियों ने उन्होंने Wheelchair Marathon के लिए प्रोत्साहित किया. सैलेश को ये बात समझ आई और खुद पर विश्वास के साथ उन्होंने मैराथॉन में भाग लेना शुरु कर दिया. इसी के साथ शैलेश ने दो सालों में Wheelchair Marathon में कई पदक जीते हैं और देश के सबसे तेज़ व्हीलचेयर Marathon रनर हैं.

शैलेश अब Chandigarh Spinal Rehab में व्हीलचेयर इस्तेमाल कर रहे लोगों के मेंटर हैं.

यहां से मिली उड़ान

चंडीगढ़ के उस Rehab Center में शैलेश को वैद्यनाथन मिले. वैद्यनाथन खुद रीढ़ की चोट से गुज़र चुके थे और शैलेश के जज़बे से प्रभावित हुए. वैद्यनाथन The Ganga Trust के सह-संस्थापक थे जो दिव्यांग लोगों के रिहैबिलिटेशन के लिए काम करती है.

The Ganga Trust अब Fuel A Dream के साथ मिल कर शैलेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का Marathoner बनाने में जुटे हैं. Fuel A Dream चैरिटी के लिए Crowd Funding करती है, ताकी लोग अपने सपने पूरे कर सकें. Fuel A Dream अब के लिए शैलेश 'Invacare Top End Eliminator OSR Racing Wheelchair' खरीदने की जद्दोजहद में लगी है, ताकि शैलेश 2020 Paralympics में भारत का नाम रौशन कर सकें.

Fuel A Dream के संस्थापक Ranganath Thota का कहना है कि-

 शैलेश अभी आम व्हीलचेयर इस्तेमाल कर रहा है, जिससे उसे काफ़ी तकलीफ़ आएंगी. इसमें ज़्यादा मेहनत लगती है. शैलेश के लिए जो व्हीलचेयर मंगवाने की तैयारी हो रही है, उसमें और अभी वाली में उतना ही फ़र्क है जितना ट्रक और स्पोर्ट्स कार में.

उस व्हीलचेयर के लिए कुल Rs 4,25,000 चाहिए, जिसमें से Rs 58,300 रुपये इकट्ठा हो चुके हैं.

अगर आप भी देश के इस उभरते हुए खिलाड़ी के साथ खड़े होना चाहते हैं, तो यहां क्लिक कर के दान की जानकारी ले सकते हैं. 

Article Source- Huffingtonpost