आज जिस चीज़ के बारे में हम बात करने वाले हैं, वो हमारे देश में काफी आम है. हम बात कर रहे हैं हाथ की छोटी उंगली में नाखून बढ़ाने की. हर मोहल्ले में, किसी बस में या सड़क पर ऐसे कई लोग दिख जाएंगे, जिनका ये नाखून बड़ा हो. पर आखिर क्यों, पुरुष पसंद करते हैं छोटी उंगली के नाखून को बढ़ाना. हमारे पास इस बात का भी जवाब है. आइये आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं.

इसके पीछे सबसे बेवकूफी भरा सिद्धांत ये दिया जाता है कि ये कोकीन निकालने और उसे खींचने के लिए एक ऑर्गेनिक औजार का काम करता है. पर इसका मतलब ये नहीं है कि जिसके भी छोटी उंगली के नाखून बड़े हों, उसे नशेड़ी समझ लेना. इसके पीछे का एक और कारण ये बताया जाता है कि इसको बढ़ाने से शरीर के कठिन हिस्सों तक पहुंचना मुमकिन हो जाता है. जैसे बड़े नाखून से आप अपनी पीठ और कान का भीतरी हिस्सा आसानी से खुजला सकते हैं.

इसके कुछ और कारण भी हैं, जो सुनने में सही लगते हैं. अगर इतिहास के समय से बात की जाए, तो ये लोगों के धनवान होने का प्रतीक माना जाता था. इतना ही नहीं, ये आपके उच्च जाति के होने की एक निशानी भी थी. उच्च जाति के लोगों को नाखून बढ़ा कर रखना पड़ता था क्योंकि इससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा भी जुड़ी होती थी.

अगर हम थोड़ा और ध्यान दें, तो हमें पता चलेगा कि ये उंगली सबसे कम उपयोग में आती है, इसलिए लोग इसके नाखून को बढ़ा लेते हैं. वैसे भी इसके टूटने का खतरा काफ़ी कम होता है. साफ़ और सुन्दर नाखून, एक ऐसे इंसान की तरफ इशारा करते हैं, जो समाज में श्रेष्ठ हो. एशिया के विभिन्न इलाकों में इस नाखून को बढ़ा कर इसे सजाने और पेंट करने का रिवाज था. फिर इसे इसलिए बढ़ाया जाने लगा कि लोग खुद को मजदूर श्रेणी से अलग दिखा सकें. बड़े नाखूनों से इस बात का एहसास होता था कि ये व्यक्ति कोई प्रशासनिक पद पर है. धीरे-धीरे नाखून बढ़ाना खुद को मजदूर वर्ग से अलग दिखाने का पहचान पत्र बन गया था.

चाहे कुछ भी हो भाई, लेकिन अगर कानों में तेज़ खुजली हो रही हो, तो ये नाखून बड़ा सुकून देता है. अब किसी के हाथों के इस नाखून को बड़ा देख कर आप खुद ही अंदाज़ा लगा लीजियेगा कि ऊपर बताये गए सारे कारणों में से कौन सा उस पर फिट बैठता है?