90 के दशक में पैदा हुए कई लोगों के दिमाग में WWE की यादें अब भी ताज़ा होंगी. अंडरटेकर, ट्रिपल एच, द रॉक जैसे रेसलर्स, रेसलिंग से ज़्यादा अपनी ड्रैमेटिक एंट्री और एंटरटेनमेंट वैल्यू के लिए जाने जाते थे. हालांकि बड़े होने के साथ-साथ ये भी समझ आने लगा कि ये सभी फाइट्स नकली होती थी और इनका मुख़्य मकसद लोगों को एंटरटेनमेंट उपलब्ध कराना होता है.

लेकिन बात अगर जापानी रेसलिंग की जाए तो यहां के रेसलर्स हद दर्जे के क्रेज़ी होते हैं. जापानी लोग सालों से अपने रेसलिंग मैचों में विस्फ़ोटकों का प्रयोग करते आ रहे हैं. एक बार पैसों की कमी से जब रेसलिंग ग्राउंड पर विस्फ़ोटकों का जुगाड़ नहीं हो पाया था, तो कुछ रेसलर्स ने चलती फाइट के बीच तेल छिड़क कर पूरे स्टेज को आग लगा दी थी.

एंटरटेनमेंट फैक्टर जापानी रेसलिंग का प्रमुख हिस्सा है. इन जापानी रेसलर्स की तस्वीरें देखकर आपको यकीन हो जाएगा कि आखिर क्यों ये रेसलिंग देखकर लोगों का दिमाग भन्ना जाता है.

Wrestler है या उड़नखटोला?

दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए कई रेसलर्स अजीबोगरीब वेशभूषा का भी इस्तेमाल करते हैं.

इसकी तो रिंग में ही होली मन गई.

रेफ़री ने भले ही इसे विनर घोषित किया हो, लेकिन इसे देखकर लगता है कि थोड़ा लूज़ करने की ज़रुरत है.

इस दही हांडी एक्सपर्ट रेसलर को कोई मुंबई बुलाओ

पटाखे, बेसबॉल बैट ही नहीं, बल्कि जो हाथ में आ जाए उससे ही ये रेसलर्स दर्शकों को एंटरटेनमेंट की डोज़ देते हैं.

ये प्लास्टिक डॉल्स भी इन रेसलर्स को कड़ी टक्कर देती हैं.

आ देखें जरा किसमें कितना है दम

इसे कहते हैं Environment Friendly Wrestler

खूंखार हथियार हो या भुट्टे का वार, ये जापानी जब भी लड़ते हैं तो पूरी शिद्दत के साथ.

दुनिया के तमाम लोग, भूगोल को लेकर हमें गुमराह करते आए हैं. खुद ही देख लीजिए कि एफ़ल टॉवर फ्रांस में नहीं बल्कि जापान में मौजूद है.

वाह क्या लैंडिंग है!

पाइनएप्पल तो ठीक है लेकिन इसके पीछे खड़े रेसलर ने नरसिम्हा का रुप क्यों धारण किया है?

रेसलर्स को भी दाल-रोटी का बंदोबस्त करना पड़ता है.

ख़तरनाक हथियार, सुपरहीरो फ़िल्मों के किरदार, अजीबोगरीब हरकतें करते कलाकार और जानलेवा स्टंट्स बेशुमार.

जापान रेसलिंग को यूं ही दुनिया की सबसे अनोखी रेसलिंग नहीं कहा जाता.

Source: Acid Cow