Marathon... 42.195 किलोमीटर की एक लंबी दौड़. रोज़ाना देश और दुनिया के कई हिस्सों में Marathon आयोजित की जाती है.

कहीं इसकी दूरी 5-10 किलोमीटर होती है तो कहीं ये पूरी 42.195 किलोमीटर की होती है. हज़ारों पुरुष और महिलाएं इसमें हिस्सा लेते हैं. कुछ लोग दौड़ पूरी करते हैं तो कुछ आधे में ही छोड़ देते हैं लेकिन इसमें प्रतिभागियों की संख्या हज़ारों में होती है.

Source: NY Times

क्या आप जानते हैं कि Marathon में पहले महिलाओं को शामिल नहीं किया जाता था?

1967 से पहले तक किसी भी महिला ने Marathon में हिस्सा नहीं लिया था? चौंक गए न? हमें भी यक़ीन नहीं हुआ था कि महिलाओं को कमज़ोर और अयोग्य समझकर Marathon में दौड़ने नहीं दिया जाता था.

Katherine Switzer ने बदली Marathon की सूरत

पढ़कर अजीब लगेगा लेकिन इतिहास गवाह है कि चाहे वो मतदान का हक़ हो या Marathon में दौड़ने का, पुरुषप्रधान समाज में हर एक चीज़ के लिए महिलाओं को संघर्ष करना पड़ा है.

Source: Mirror

Katherine Switzer वो नारी हैं, जिन्होंने 1967 में Boston Marathon में हिस्सा लिया. पुरुषों की भीड़ में दौड़ने की हिम्मत करने वाली इस महिला ये साबित करना चाहती थी कि महिलाएं कमज़ोर नहीं होती और Marathon दौड़ने के क़ाबिल हैं.

रेस में दौड़ने के दौरान, Race Official Jock Semple ने उन्हें धक्का देकर बाहर करने की कोशिश की और उनके Racing Number 261 को फाड़ने की कोशिश की, सिर्फ़ इसलिए क्योंकि वो एक महिला थी. Katherine के Boyfriend (जो उनके साथ ही दौड़ रहे थे) ने Jock को दबोच लिया और ये सुनिश्चित किया कि वो रेस पूरी करें. 1972 तक महिलाओं को Boston Marathon में Officially हिस्सा लेने नहीं दिया गया.

Source: Boston Magazine

कोच के ताने के बाद हिस्सा लिया Marathon में

जर्मनी में पैदा हुईं Katherine और उनका परिवार अमेरिका आ गया. Katherine के स्पोर्ट्स कोच ने एक बार उनसे कहा था कि 'Marathon दौड़ने के लिए महिलाएं और लड़कियां काफ़ी नाज़ुक हैं.'. इस ताने के बाद ही Katherine ने Marathon में हिस्सा लेने की ठान ली. 19 अप्रैल, 1967 को आयोजित Boston Marathon को उन्होंने 4 घंटे 20 मिनट में पूरा किया.

क्रांतिकारी कदम ले आया बदलाव

Katherine के इस क्रांतिकारी कदम ने महिलाओं को भी Marathon में हिस्सा लेने का हक़ दिलाया. Runner's World Magazine ने उन्हें Female Runner of the Decade के ख़िताब से नवाज़ा.

Source: Virgin Money London Marathon

इसके बाद Katherine ने Marathons में Commentator का काम शुरू कर दिया. 1984 में पहली बार ओलंपिक में महिलाओं का Marathon आयोजित किया गया.

Katherine Switzer ने अपनी हिम्मत और जज़्बे से महिलाओं को Marathon दौड़ने का हक़ दिलाया.