दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शुमार अनिल अम्बानी और उनकी पत्नी टीना मुनीम का ज़िक्र होते ही उनकी लव स्टोरी के बारे में दिलचस्पी होने लगती है. एक उद्योगपति और एक ऐक्ट्रेस की मोहब्बत की कहानी है ये.

आज टीना मुनीम यानि टीना अम्बानी के जन्मदिन के मौके पर आपको उनकी खूबसूरत लव स्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं.

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ये दोनों ही गुजराती परिवार से आते हैं. लेकिन टीना की फैमिली ज़्यादा पारंपरिक नहीं थी , जबकि अनिल अम्बानी की फैमिली अपनी जड़ों से काफी जुड़ी हुई है.

आप सोच रहे होंगे कि इस कपल के एक साथ होने में क्या दिक्कत हो सकती थी भला? लेकिन वास्तव में एक-दूसरे से अनजान इन दोनों के खुशहाल परफ़ेक्ट कपल बनने का सफ़र टीना और अनिल के लिए आसान नहीं रहा.

कुछ दिक्कतों और काफी ना-नुकुर के बाद रब ने आख़िरकार उनकी जोड़ी बना ही दी. आज ये दोनों बहुत से प्यार करने वाले दिलों के लिए मिसाल हैं, खूबसूरत और प्यार भरे रिश्ते की.

ये प्यार पहली नज़र का नहीं था

अनिल अम्बानी ने टीना को एक शादी में देखा था, लेकिन अनिल के मुताबिक, उन्हें पहली नज़र में प्यार होने जैसी कोई फ़ीलिंग नहीं आई थी. दरअसल, अनिल अम्बानी की नज़र टीना की साड़ी के रंग पर टिकी. जो साड़ी का कलर था, उसने ध्यान खींच लिया अनिल अम्बानी का. हुआ ऐसा कि पूरी शादी के फंक्शन में अकेली टीना ही थीं, जिसने ब्लैक साड़ी पहनी थी. अगली बार ये दोनों फिलाडेल्फिया में मिले थे.

अनिल को टीना से किसी और ने परिचित करवाया था और उन्होंने टीना से अपने दिल की बात भी की. लेकिन उस समय टीना एक स्टार थीं और उन्हें अनजान पुरुषों की इस तरह की बात सुनने की आदत हो चुकी थी. इसलिए उन्होंने अनिल को बहुत ही सादगी से मना कर दिया था.

हालांकि टीना ने अनिल का ऑफ़र ठुकरा दिया था, लेकिन अभी कहानी ख़त्म नहीं हुई थी. 1986 में टीना को दोबारा अनिल से उन्हीं के भतीजे ने परिचित करवाया, जिसने उन पर इस 'गुजराती लड़के' से मिलने के लिए दबाव बनाया था. टीना ख़राब दौर से गुज़र रही थीं और उस समय किसी से मिलने को उत्सुक नहीं थीं. इसीलिए वो अनिल से मिलने को राज़ी हुईं, लेकिन डेट आगे बढ़ाती रहीं.

आख़िरकार वो दिन आया, जब वे दोनों मिले और ये उनके जीवन का सबसे अहम मोड़ साबित साबित हुआ. मशहूर टॉक शो Rendezvous में सिमी ग्रेवाल के साथ बात करते हुए टीना ने अपनी पहली मुलाक़ात के बारे में बात की थी. उन्होंने बताया था कि पहली बार मिलने के बाद अनिल के बारे में क्या सोचा. वो बताती हैं कि,

'जब पहली बार मैं उनसे मिली, तो उनकी सादगी से काफी इम्प्रेस हुई थी. मैंने उन्हें बहुत ही सच्चा और प्रभावशाली पाया.'

वो कहती हैं कि,

'मैं जिन लोगों से मिल चुकी थी, वो उन पुरुषों की तरह नहीं थे, क्योंकि ज़्यादातर उन लड़कों से मिलती थी, जो फ़िल्म इंडस्ट्री से होते थे. हम एक जैसी ही भाषा बोलते थे, पूरी तरह से तो नहीं लेकिन हम लगभग एक जैसे ही माहौल में जीते थे.'

उसी टॉक शो में अनिल ने भी अपनी पहली मीटिंग से जुड़ी फीलिंग्स शेयर कीं.

'जब आप फ़िल्म जगत से जुड़े किसी व्यक्ति से मिलते हैं तो आपके उनके बारे में कुछ विचार होते हैं. मैं उस इंडस्ट्री के बहुत से लोगों को जानता हूं, लेकिन वो सबसे अलग थी. उससे मिलने के बाद ही मन में उसके प्रति आकर्षण पैदा हुआ.'

पारिवारिक दबाव

जब दो लोग प्यार में होते हैं, तो उनके लिए सब कुछ इतना आसान नहीं रह जाता. और इन दोनों पर भी ये बात ऐसे ही लागू होती है. जब अनिल के परिवार को इस अफ़ेयर के बारे में पता चला, वे बहुत खुश नहीं हुए. उनके फ़िल्म इंडस्ट्री को लेकर अपने कुछ विचार थे.

अनिल ने अपने घरवालों को समझाने के लिए काफी कोशिश की कि टीना एक सिंपल लड़की है, लेकिन अम्बानी परिवार अपने फ़ैसले पर अडिग था. अंत में जब अनिल ने टीना को अपने घर के हालात बताए, तो बिना कुछ पूछे टीना ने सब समझ लिया. इसके बाद दोनों ने चार सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की. अनिल पूरी तरह से टूट चुके थे. वो बताते हैं कि उन्हें उस समय कैसा फ़ील होता था,

'बहुत दर्द था. बहुत कुछ खोने का दर्द!'

टीना भी इस रिश्ते के टूटने से बहुत दुखी थीं. उन्होंने फ़िल्मों के पेंडिंग असाइनमेंट्स पूरे किए और इंटीरियर डिज़ाइनिंग पढ़ने के लिए अमेरिका चली गईं.

इस दौरान उन्होंने एक-दूसरे से कोई संपर्क नहीं किया, तब तक जब तक कि एक दिन अनिल ने टीना को फोन किया. उन्होंने टीवी पर देखा कि Los Angeles में तेज भूकंप आया था. टीना उस समय Los Angeles में ही थीं. अनिल को बहुत चिंता हुई और उन्होंने टीना की खैर-ख़बर लेने के लिए कॉल कर ली. और जैसे ही उन्होंने सुना कि वो ठीक हैं, अनिल ने फोन काट दिया. जैसे ही उन्होंने फोन रखा, टीना हैरान रह गईं. सालों की चुप्पी के बाद वो कॉल आना टीना के लिए आसान नहीं था. टीना बताती हैं कि कि उस कॉल के बाद उनका क्या रिएक्शन था,

'उस समय मैं बहुत ज़्यादा अपसेट थी और रो रही थी. मैंने सोचा कि इस लड़के ने क्यों मुझे कॉल की, क्यों मेरी लाइफ़ में आया और सारी चीज़ें फिर से क्यों दोहरा दीं?'

'उसे चिंता थी मेरी कि मैं ठीक हूं या नहीं. लेकिन उसने बातचीत पूरी भी नहीं की. कम से कम वो इतना तो कर ही सकता था कि उस बातचीत को पूरा कर देता.'

टीना की इस बात का जवाब अनिल कुछ इस तरह देते हैं और अपने एक्शन को सही बताते हैं,

'बातचीत करने को कुछ बचा ही नहीं था. ये सिसकियों में होने वाली बातचीत हो जाती है, जब आप 3-4 सालों बाद उससे बात करें, जिसे आप बहुत प्यार करते हैं.'

और जब अम्बानी परिवार ने इस रिश्ते को 'हां' कहा

वैसे तो अनिल की शादी को बहुत से रिश्ते आ रहे थे, लेकिन उनमें से किसी को भी अनिल ने पसंद नहीं किया. उन्होंने अपना सच्चा प्यार पा लिया था और वो टीना थीं. कई साल कोशिश करने के बाद अनिल ने आख़िरकार अपने परिवार को मना लिया कि टीना ही उनके लिए परफ़ेक्ट लड़की हैं. जब अम्बानी परिवार ने इनकी शादी के लिए 'हां' बोला, अनिल ने टीना को ये जानने के लिए कॉल की कि वो इंडिया कब आ रही हैं, जो अब भी Los Angeles में रहती थीं. टीना कहती रहीं कि वो जल्दी वापस आएंगी, लेकिन अब फ़िल्म इंडस्ट्री में उनका कोई दोस्त नहीं रहा था, वो अपना आना टालती रहीं. उन्होंने ज़्यादा उम्मीदें नहीं पाल रखी थीं. हर सप्ताह, वो ये वादा करती रहीं कि वो अगले सप्ताह आ जाएंगी. जब 6 हफ़्तों तक ऐसे ही चलता रहा, तो अनिल ने उनसे कहा कि अगर वो नहीं आएंगी, तो अब वे उन्हें कॉल नहीं करेंगे. इस पर टीना का रिएक्शन कुछ ऐसा था,

'उस समय मुझे एहसास हुआ कि कुछ चल रहा है और मुझे इसे मिस नहीं करना चाहिए. अब मुझे वापस जाना चाहिए और अगले सप्ताह मैं वापस आ गई.'

जब वो आईं तो अनिल अम्बानी ने उन्हें अपने पेरेंट्स से मिलवाया. दरअसल, उनके दिमाग में पूरा प्लान था, एक बिज़नेसमैन वाला. अपने प्लान के बारे में अनिल बताते हैं,

'उसके इन्डिया आने के पहले मैंने एक पूरा प्लान बनाया था. किस दिन उसे मेरे पेरेंट्स से मिलना है, किस दिन हमारी सगाई होगी, किस दिन हमारी शादी होगी और किस जगह पर होगी.'

एक आदमी अकसर प्रपोज़ करने से पहले बहुत-सी चीज़ें करता है. पता नहीं अनिल ने इस बारे में सोचा था कि नहीं, लेकिन प्रपोज़ल टीना को हैरान करने वाला था. अनिल कुछ समय के लिए रूम से गये और उनके भाई मुकेश अम्बानी अन्दर आए और टीना से पूछने लगे कि अगले महीने शादी करने के बारे में वो क्या सोचती हैं. हां, ऐसा ही हुआ. अनिल ने टीना को बहुत ही स्पेशल तरीके से प्रपोज़ल भेजा. उन्होंने सब कुछ ऐसे बताया,

'मैं खार में उनके घर गया. टीना की बहन और बहनोई वहां थे. वो दोनों मुझे देखकर दंग रह गए, वे नहीं जानते थे कि यहां मुंबई में क्या चल रहा था. उसके बहनोई उसकी मां को बताने अन्दर गए. वो भी मुझे देखकर चौंक गईं. मैंने कहा, आप अपनी बेटी टीना को बहुत प्यार करती हैं, उन्होंने कहा, हां, बिलकुल. अगर ऐसा है तो आप उसे यहां अपने पास रख सकती हैं, नहीं तो मैं उससे शादी करना चाहता था.'

ये था प्रपोज़ल और इसके 6 हफ़्ते बाद दोनों ने शादी कर ली.

फिर धूमधाम से हुई शादी

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अनिल और टीना की शादी बेहद महंगी और शानदार हुई. ये एक पारंपरिक भारतीय शादी की तरह थी. वहां पर इस प्रेमी जोड़े को शुभकामना देने के लिए हर कोई था. बहुत से लोग इस रिश्ते के गवाह बने. उनकी शादी एक पारंपरिक गुजराती अंदाज़ में हुई. इनकी शादी आज भी कुछ बड़ी शाही शादियों में से एक है. इनके पास दो बेटे हैं- जय अनमोल अम्बानी और जय अंशुल अम्बानी. इनके बेटे पब्लिकली कम दिखते हैं. टीना के अनुसार, उन दोनों की जितनी हो सकती थी, उतनी सादगी के साथ परवरिश की गई है. जब टीना से पूछा गया कि एक संयुक्त परिवार में रहने के बारे में वो क्या महसूस करती हैं, जबकि वो न्यूक्लियर फैमिली में रहने की आदी थीं, तो वो बोलीं,

'मुझे वो सारी आज़ादी है जो मैं चाहती हूं. मैंने खुद ही पाबंदियां लगा रखी हैं. मेरा विश्वास है कि हमारी संस्कृति में और समाज में, ये केवल एक लड़का नहीं, जिससे आप शादी कर लेती हो. परिवार शादी का हिस्सा होता है और मेरी परवरिश इस तरह से हुई है कि ये सब मेरे लिए मुश्किल नहीं रहा.'

'बहुत सारी खुशियां, दो प्यारे बच्चे, एक अद्भुत शादी.'

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अनिल और टीना अम्बानी की लव स्टोरी बहुत आसान नहीं रही, लेकिन वे एक-दूसरे के साथ बने रहे, क्योंकि उन्हें उम्मीद थी. उनके बीच लंबा कम्यूनिकेशन गैप रहा, फिर भी उनके दिल हमेशा जुड़े रहे. ये सच्चा प्यार था, जो तमाम मुश्किलों के बावजूद वे शादी कर सके. सच कहें, तो इस कपल के प्यार की एक बहुत ही खूबसूरत कहानी है.

हम आशा करते हैं कि वे लाइफ़ टाइम एक-दूसरे के साथ यूं ही मुस्कुराते रहें और टीना अम्बानी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. वो ऐसे ही अम्बानी परिवार में खुशियां बिखेरती रहें.

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