भारतीय खाने को अपने मसालों से ज़ायकेदार बनाने वाले 'महाशियां दी हट्टी' यानि कि एमडीएच मसालों के विज्ञापनों में दिखाई देने वाले महाशय धर्मपाल गुलाटी ज़िदा हैं. पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर उनकी मौत की ख़बर ख़ूब वायरल हो रही थी, लेकिन अन्य ख़बरों की तरह ये ख़बर भी फ़र्ज़ी निकली. एक बात तो सच है कि सोशल मीडिया की अज्ञानी सेना कब किसको मृत घोषित दे कुछ कहा नहीं जा सकता है.

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दरअसल शनिवार शाम से ही सोशल मीडिया पर उनके निधन की ख़बर वायरल हो रही थी. इसके बाद उनके परिवार की ओर से एक वीडियो जारी किया गया. जिसमें एमडीएच मालिक महाशय धर्मपाल गुलाटी एकदम स्वस्थ दिखाई दे हैं. विडियो में परिवार के लोग अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील भी करते दिखे.

भारत के मसाला उद्योग की बात करें तो इसमें MDH सबसे ऊपर है. इसके संस्थापक 95 वर्षीय महाशय धर्मपाल गुलाटी हैं, जो एक समय में दिल्ली की तंग गलियों में तांगा चलाया करते थे. आज वो देश के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते हैं. महाशियां दी हट्टी यानी एमडीएच को इस साल कुल 213 करोड़ रुपए का लाभ हुआ है.

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धर्मपाल गुलाटी के दामाद सुभाष शर्मा ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि 'वो पूरी तरह स्वस्थ्य हैं, निधन की अफ़वाह उड़ने के बाद ही हमने शनिवार को वीडियो जारी किया. कई जगह हमने देखा कि धर्मपाल गुलाटी का नाम चुन्नी लाल बताया जा रहा है, दरअसल चुन्नी लाल उनके पिता का नाम है जो कई साल पहले गुज़र चुके हैं.'

महाशय धर्मपाल गुलाटी जी स्वास्थ्य रहें और सिर्फ़ भारतीयों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को भी अपने मसालों से मदहोश कर दें.

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