भारत में शादी समारोह में तरह-तरह के ताम-झाम होते हैं. लोग इसे अपनी शान से जोड़ कर देखते हैं. इस वजह से हम शादियों में ज़्यादा से ज़्यादा पैसे लुटाते हैं. इस दिखावे पर रोक लगाने के लिए संसद में एक बिल पेश हुआ है. इस क़ानून से दहेज प्रथा पर अंकुश लगने की संभावना तो है, लेकिन आपको जान कर हैरानी होगी कि जिस सासंद ने ये बिल पेश किया है, उनकी शादी भव्य तरीके से 6 फरवरी 1994 को हुई थी और पूरा पूर्णिया शहर गवाह बना था.

रंजीत, पप्पू यादव की पत्नी हैं. रंजीत और उनके परिजनों को लेकर आ रहा चार्टर्ड विमान रास्ते में ही भटक गया था और देरी के कारण हंगामा मच गया था. लेकिन बाद में पता चला कि विमान का पायलट रास्ता भटक गया था. खैर, विमान पहुंचा और लोगों ने राहत की सांस ली. शादी के लिए पूर्णिया की सड़कों को पूरी तरह सजा दिया गया था. शहर के सारे होटल और गेस्ट हाउस बुक थे. आम और खास सबके लिए व्यवस्था की गई थी.

'Compulsory Registration and Prevention of Wasteful Expenditure' नाम से इस बिल को लाने वाली कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन हैं.

अगर यह लोकसभा में पारित होता है, तो किसी भी शादी में 5 लाख रुपये से ज़्यादा ख़र्च नहीं किये जा सकेंगे. इतना ही नहीं, मेहमानों की संख्या भी सीमित रहेगी. अगर इस क़ानून का उल्लंघन किया गया, तो उसे इस राशि का 10% ग़रीब परिवार की लड़की की शादी के लिए देना होगा. बिल में ये भी कहा गया है कि सभी शादियों का 60 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन भी कराना ज़रूरी होगा.