शुक्रवार को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपरकिंग्स के बीच खेले गए 43वें आईपीएल मुक़ाबले में राजस्थान ने जोस बटलर के नाबाद 95 रनों की शानदार पारी की बदौलत चेन्नई सुपरकिंग्स को 4 विकेट से हराकर प्लेऑफ़ में पहुंचने की उम्मीद बना ली है. चेन्नई ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए रैना के 52 रन और धोनी के तेज़ तर्रार नाबाद 33 रनों की बदौलत 20 ओवरों में चार विकेट खोकर 176 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था. लेकिन राजस्थान ने एक गेंद शेष रहते इस लक्ष्य को हासिल कर लिया.

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जब राजस्थान बल्लेबाज़ी के लिए उतरी तो लक्ष्य मुश्किल लग रहा था क्योंकि सामने एमएस धोनी जैसा चतुर कप्तान था. बेन स्टोक और जोस बटलर की इंग्लिश जोड़ी ने शरू के 4 ओवर में ही ताबड़तोड़ 48 रन बनाकर धोनी को टेंशन में ला दिया था. चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर अक्सर कूल अंदाज में नज़र आते हैं. मैच में चाहे जीत मिले या हार धोनी के चेहरे के एक्सप्रेशन में ज़्यादा बदलाव देखने को नहीं मिलते. लेकिन इस मैच में उनकी झल्लाहट साफ़ देखी जा सकती है.

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48 रन के स्कोर पर बेन स्टोक और 53 रन के स्कोर पर कप्तान रहाणे का विकेट गंवाने के बाद राजस्थान मुश्क़िल में आ गयी थी. मुक़ाबला कभी धोनी तो कभी रहाणे के पक्ष में जाता दिख रहा था. तेरहवें ओवर तक राजस्थान ने 4 विकेट खोकर 109 रन बना लिए थे और जीत मुश्किल लग रही थी. लेकिन इस दौरान राजस्थान ने चेन्नई की ख़राब फ़ील्डिंग और कमज़ोर गेंदबाज़ी का फ़ायदा उठाते हुए लक्ष्य को आसान बना दिया. एक ओर बटलर अपनी टीम को अकेले दम पर जीत की ओर ले जा रहे थे, तो दूसरी तरफ़ धोनी की बौख़लाहट साफ़ देखी जा रही थी.

अंतिम ओवरों में जिस तरह से डेविड विली और ड्वेन ब्रावो ने रन लुटाए धोनी उससे बेहद ख़फ़ा थे. ऊपर से रही-सही कसर फ़ील्डरों ने पूरी कर दी, जोस बटलर के तीन कैच छोड़ दिए. हार के बाद धोनी ने जिस तरीके से अपने हाथों से गेंद ज़मीन पर फ़ेंकी उससे साफ़ लग रहा था कि वो हार से बेहद नाराज़ थे. अकसर अहम मुकाबलों में हार के बाद भी धोनी नॉर्मल तरीके से ड्रेसिंग रूम की तरफ़ जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को उनके तेवर कुछ बदले-बदले नज़र आ रहे थे.

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जबकि पोस्ट मैच प्रेजेंटटेशन के दौरान भी धोनी गेंदबाज़ों पर जमकर बरसे. इस दौरान धोनी ने कहा कि 'गेंदबाज़ों को स्लॉग ओवरों में जिस लाइन और लेंथ से गेंदबाज़ी करनी चाहिए थी वैसा वो नहीं कर पाए, उन्हें इस पर ध्यान देना होगा. क्योंकि फ़ुललेन्थ गेंदों पर चार-पांच चौके लग गए थे, जो इस मैच में हार का मुख्य कारण था. वहीं हार के बाद टीम बचाव करते हुए कहा कि हमारा प्लेइंग इलेवन बेहतरीन था, जो पिछले कई मैचों में अच्छा प्रदर्शन करते आया है. हम इससे भी बेहतर कर सकते थे लेकिन हमने इस मैच में भी अपना बेस्ट देने की पूरी कोशिश की थी. आगे भी हम सिर्फ़ प्लेऑफ़ में जगह बनाने के लिए नहीं, बल्कि सभी मैच जीतने के लिए खेलेंगे.'

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चेन्नई सुपर किंग्स इस समय अंक तालिका में दूसरे स्थान पर काबिज़ है. चेन्नई को प्लेऑफ़ में जगह पक्की करने के लिए बाक़ी बचे तीन मुक़ाबलों में से कम से कम एक मैच में जीत दर्ज़ करनी होगी.

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