हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फ़ैसले में तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया है. इसे यूं तो महिलाओं के हक में एक बड़ा फ़ैसला माना जा रहा है लेकिन गुजरात के अहमदाबाद में सामने आई एक घटना साबित करती है कि आज भी समाज का एक हिस्सा दशकों पुराने ट्रिपल तलाक को संवैधानिक मानता है और ट्रिपल तलाक को न मानने वाले लोगो का बहिष्कार तक कर रहा है. .

अहमदाबाद में एक शख्स ने शराब के नशे में अपनी बीवी को तलाक दे दिया और घर से चला गया लेकिन कुछ ही दिन बाद उसे अपनी गलती का एहसास हुआ, वो अपनी बीवी के पास लौटा और उससे माफ़ी भी मांगी. खास बात ये है कि बीवी और शौहर साथ रहना चाहते हैं लेकिन पड़ोसियों ने इस पर एतराज कर रहे हैं और उनके अलग ना होने पर उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया है.

30 अगस्त को जहापुरा में नशे में धुत्त एक शख्स ने सिगरेट पीने के लिए घर आकर बीवी से माचिस मांगा. चूंकि इस व्यक्ति की बीवी के साथ मारपीट शुरू कर दी. इतना ही नहीं उसने मारपीट के बाद उसे तीन बार तलाक कहकर घर से चला आया. उसने जब बीवी से अपने किए के लिए माफी मांगी और अपने छह साल के बेटे के भविष्य का वास्ता दिया तो उसने उसे माफ कर दिया.

इस पर पड़ोस के लोगों का कहना है कि जब तलाक हो चुका और दोनों अब पति-पत्नी नहीं रहे तो कैसे दोनों साथ रह सकते हैं. वहीं इस मामले में पत्नी का कहना था कि 'हम साथ रहना चाहते हैं लेकिन पड़ोसियों का कहना है कि मेरा अब शौहर के साथ कोई रिश्ता नहीं है. मुझे अपने मां-बाप के घर लौट जाना चाहिए. मेरे ऊपर इस रिश्ते को खत्म करने का काफी दबाव डाला जा रहा है'

महिला ने अपने पति के साथ रहने का निश्चय कर लिया है और अपने पति को माफ़ भी कर दिया है लेकिन उसे डर है कि जिस तरह से उनका पड़ोस उनका बायकॉट कर रहा है, इससे उनके बच्चे पर काफी असर पड़ सकता है. वही एक्टिविस्ट नूरजहां दीवान का कहना था कि इस दंपति के आपसी झगड़े को सुलझा लेने के बावजूद पड़ोसियों का व्यवहार चौंकाने वाला है.

Source: TOI