दुनिया का एक बड़ा हिस्सा भुखमरी और गरीबी से जूझ रहा है लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि रेस्टोरेंट्स या कई बड़े होटल बजाए भूखे और बेघर लोगों को खाना प्रदान करने के इस खाने को कूड़ेदान में फ़ेंक देते हैं. लेकिन ब्रिटेन के मैनचेस्टर में एक रेस्टोरेंट ने एक मिसाल पेश की है. इस रेस्टोरेंट के स्टाफ़ ने दरवाज़े के बाहर बचे हुए खाने को लोगों के लिए रखना शुरू किया है.

बोसु बॉडी बार ने इस प्रोजेक्ट की शुरूआत की थी. रेस्टोरेंट ने फ़ेसबुक पर लिखा, 'जब हम अपना दिन का काम खत्म कर घर के लिए निकलते हैं तो स्वादिष्ट खाने से बने टेस्टी फ़ूड पैक्स को बाहर ही छोड़ जाते हैं. अगर आपको मैनचेस्टर या डिड्सबरी में कोई भी भूखा इंसान दिखाई देता है तो कृप्या आप उन्हें बता दें कि खाने के लिए उन्हें कहां आना है.'

इस पोस्ट को मिली शानदार प्रतिक्रिया के बाद रेस्टोरेंट ने अपने ग्राहकों से भी गुज़ारिश की है कि वे भी अपने पुराने गर्म कपड़े, हैट या स्कार्फ़्स को रेस्टोरेंट में छोड़कर चले जाएं ताकि बढ़ती ठंड में ज़रूरतमंदों की मदद की जा सके. इस पोस्ट को कई हज़ार लोगों ने लाइक और शेयर किया है और अपने इस नेक काम के लिए इस रेस्टोरेंट को खूब वाहवाही भी मिल रही है.

फ़ेसबुक यूज़र लॉरेन माहेर ने लिखा कि हमें दुनिया में ऐसे कई और लोगों की ज़रूरत है जो लोगों के प्रति इस तरीके का संवेदनशील रवैया रखते हैं. वहीं एंद्रिया ओज़ी नाम की महिला ने कहा, 'मुझे लगता है कि दुनिया के हर बिज़नेस को ये करना चाहिए. ये एकदम वाहियात है कि कुछ ही दूरी पर कोई शख़्स भूखा मरता रहे लेकिन कई रेस्टोरेंट्स ज़रूरतमंदों की मदद करने के बजाए डस्टबिन में खाने को फ़ेंक देते हैं.

माइकल बेक अपने पार्टनर्स ओलिवर ड्रमोंड और जोसेफ़ रामज़ी-फ़ेडुअल के साथ इस रेस्टोरेंट को चलाते हैं. वे फ़ेसबुक पर अपने पोस्ट पर आई लोगों की प्रतिक्रिया से अभिभूत थे.' गौरतलब है कि इस रेस्टोरेंट में हेल्दी फ़ास्ट फ़ूड मिलता है. ये बार अब अपने इस प्रोजेक्ट को विस्तार देने जा रहा है. माइकल अब स्थानीय चैरिटी संस्थाओं के साथ मिलकर मैनचेस्टर की गलियों में हर रात ज़रूरतमंदों को खाना बांटने का इंतज़ाम भी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम सभी बैग्स को मैनचेस्टर के आसपास स्थानीय चैरिटी में दान करने का भी निर्णय कर चुके हैं ताकि ये चैरिटी संस्थाएं ज़रूरतमंद गरीबों के घर इस खाने को पहुंचा सके.

माइकल का कहना था कि हम शुक्रगुज़ार हैं कि लोगों ने हमारे पोस्ट को इतना प्यार दिया. लेकिन ऐसा नहीं है कि हम ही इस तरह का काम कर रहे हैं लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि बाकी लोग भी प्रेरित होकर मदद के लिए आगे ज़रूर आएंगे.