धरती का जन्नत कहे जाने वाला कश्मीर इन दिनों किन हालातों से गुज़र रहा है, वो किसी से छुपा नहीं है. आये दिन होने वाली आतंकी घटनाओं में कश्मीरी युवाओं की सक्रियता ने कश्मीर की छवि को राष्ट्रिय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल किया है. कश्मीर की इस धूमिल छवि का ज़िम्मेदार कहीं न कहीं वो मीडिया भी है, जो TRP के लिए एकतरफ़ा ख़बरें दिखा कर पैसा बटोर रहा है.

मीडिया द्वारा बनायी गयी ऐसी ही छवि के बीच ऐसे कई कश्मीरी भी हैं, जिनका दिल सिर्फ़ और सिर्फ़ हिंदुस्तान के लिए धड़कता है. ऐसे ही लोगों में से एक थे कश्मीर के अनंतनाग डिस्ट्रिक्ट में SHO के पद पर तैनात फ़िरोज़ अहमद, जो हाल ही में अनंतनाग के अचबल इलाके में अपने 5 साथियों के साथ गश्त के दौरान आतंकी हमले में शहीद हुए.

फ़िरोज़ 4 महीने पहले ही अचबल में SHO के पद पर पोस्टिंग के बाद आये थे. बूढ़े मां-बाप के अलावा उनके परिवार में उनकी पत्नी सहित दो बेटियां हैं. 4 साल पहले ही फ़िरोज़ ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला था, जिसमें उन्होंने आज की हक़ीकत को पहले ही बयां कर दिया था.

इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि

क्या कभी आपने रुक कर ये सोचने की कोशिश की है कि मौत के बाद पहली रात को कब्र में क्या होगा?सोचिये कि आपके शरीर कब्र में दफ़नाने से पहले धोया जायेगा.उस दिन के बारे में सोचिये, जब लोग आपकी कब्र के पास बैठ कर रोयेंगे.सोचिये कि आप कब्र में दफ़नाये जा चुके हैं. हर तरफ़ बस अंधेरा ही अंधेरा है. इस अंधेरे के बीच आप मदद के लिए किसी को पुकार भी नहीं सकते.ये कब्र इतनी संकरी है कि आपकी हड्डियां दबती जा रही है.वहां आप उस पल को याद कर रहे हैं, जब आपने 5 वक़्त की नमाज़ नहीं पढ़ी थी. आप उस पल को याद कर रहे हैं, जब आपने हिज़ाब नहीं पहना था. आप उस वक़्त को याद कर रहे हैं, जब आपने अल्लाह का कहा नहीं माना था. पर अब इन सब बातों का कोई फ़ायदा नहीं है.आप अकेले अपनी इच्छाओं के साथ ज़मीन के नीचे दफ़न हैं.

Source: topyaps