मंगलवार रात एशिया कप में भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच एक रोमांचक मुक़ाबला देखने को मिला. भले ही ये मैच ड्रॉ रहा, लेकिन असल में क्रिकेट की जीत हुई. इस रोमांचक मुक़ाबले में एक समय टीम इंडिया हार की ओर बढ़ रही थी, लेकिन ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा ने आख़िरी क्षणों में मुक़ाबले को रोमांचक बना दिया. भारत को आख़िरी तीन ओवरों में 17 रनों की ज़रूरत थी और सात खिलाड़ी आउट हो चुके थे.

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सर रविंद्र जडेजा एक छोर से टीम इंडिया को जीत के सपने दिखा रहे थे, तो दूसरे छोर पर अन्य बल्लेबाज़ उनके अरमानों पर पानी फेरने का काम कर रहे थे. फिर वो हुआ जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं थी. एक बॉल में दो रन, सर रविंद्र जडेजा ने धोनी स्टाइल में छक्के से मैच जीतना चाहा और एक आसान कैच थामाकर भारतीय फ़ैंस को मायूस कर दिया. भले ही इस मैच के ड्रॉ होने से भारत को कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला, लेकिन आख़िरी क्षणों में अफ़ग़ानिस्तान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दर्शकों के पैसे वसूल करा दिए.

जडेजा न तो छक्का मार पाए और न ही मैच जिता पाए, मैच ड्रॉ होने पर सोशल मीडिया की सेना कहां चुप रहने वाली थी.

राशिद ख़ान की शानदार गेंदबाज़ी और भारतीय लोवर आर्डर की ख़राब रनिंग ने मैच को बनाया रोमांचक.

कभी-कभी लगता है अपुन ही भगवान है

धोनी ने दो साल बाद टीम इंडिया की कमान संभाली थी और जडेजा ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया.

इस हार के बाद धोनी ने दिल पर पत्थर रखकर जडेजा को अपनी वसीयत से आउट करने का फ़ैसला कर लिया है.

पापा जडेजा ने मुझे रुलाया है एक दिन मैं उससे भी बड़ा ऑलराउंडर बनूंगा.

Well Done अफ़ग़ानिस्तान, लेकिन दर्द इधर होता है मालूम.

ख़लील सुन, दो बॉल में एक रन चाहिए तू बस गंदा शॉट मत खेलना.

मुझे हार और जीत बिलकुल पसंद नहीं

जिन भारतीय दर्शकों ने जीत पक्की मान ली थी उनका ये हाल था.

आज पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच होने वाले अहम मुक़ाबले में जो टीम जीतेगी, वो 28 सितंबर को होने वाले फ़ाइनल मुक़ाबले में भारत से भिड़ेगी.