चुनावों से पहले पार्टियों से ले कर नेता बड़े-बड़े वादे और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ज़बानी जंग करते हुए दिखाई देते हैं, पर जैसे ही वो सत्ता के गलियारे में पहुंच जाते हैं उनके सारे वादे धरे के धरे रह जाते हैं.

ऐसे ही झूठे वादों का एक किस्सा पंजाब में देखने को मिला है, जहां सरकार के एक पूर्व मंत्री पद से हटने के बावजूद घोटाले करते हुए दिखाई दे रहे हैं. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के मुताबिक पूर्व सरकार में बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत ने अपने रसोइए के नाम एक फर्जी कंपनी खोली और इसी कंपनी के नाम पर रेत खनन का अधिकार हासिल करने की कोशिश की.

इस विषय को ले कर आम आदमी पार्टी के नेता एचएस फूलका ने विधानसभा में जम कर हंगामा किया. फूलका ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 'आखिर 11 हज़ार की सैलरी पाने वाला अमित बहादुर कैसे 26 करोड़ का मालिक बना?'

फूलका ने उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें बताया गया था कि एक अप्रैल 2017 तक अमित के अकाउंट में सिर्फ 4,840 रुपए जमा थे. मामला सामने आने के बाद अमित और पूर्व मंत्री दोनों का फ़ोन स्विच ऑफ़ बता रहा है.