इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच एशेज़ सीरीज़ चल रही है और ऑस्ट्रेलिया तीसरा टेस्ट मैच जीतकर सीरीज़ पर कब्ज़ा भी जमा चुका है पर इस टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया की जीत से ज़्यादा मिशेल स्टार्क द्वारा फ़ेंकी गई एक बॉल, काफी सुर्खियां बटोर रही है.

अगर आप क्रिकेट फ़ैन हैं तो आपको शेनवार्न की ये गेंद तो ज़रूर याद होगी.

1993 में फ़ेंकी गई इस बॉल को 20वीं शताब्दी की सबसे बेहतरीन बॉल के रूप में शुमार किया गया था.

और अब 24 साल बाद, ऑस्ट्रेलिया के ही एक तेज़ गेंदबाज़ ने एक ऐसी बॉल फ़ेंकी है जिसे क्रिकेट पंडितों से लेकर कई पूर्व खिलाड़ी, इस सदी की सबसे बेहतरीन गेंद बता रहे हैं.

इंग्लैंड के नंबर 3 खिलाड़ी जेम्स विंस 55 रन बनाकर खेल रहे थे, तभी तेज़ गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने अपनी एक गेंद से जेम्स को हक्का-बक्का कर दिया.

जेम्स इस गेंद को लेग साइड में खेलना चाहते थे, लेकिन गेंद ठप्पा पड़ने के बाद ख़तरनाक तरीके से 42 सेंटीमीटर घूमी और ऑफ़ स्टंप से जा टकराई. मानो 150 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से किसी ने क्लासिक ऑफ़ स्पिन गेंद फ़ेंक दिया हो.

मिशेल के इस विकेट के फ़ौरन बाद ये गेंद वायरल होने लगी. कई क्रिकेटरों से प्रशंसक तक इस बॉल की वाहवाही करते नहीं थक रहे थे. वहीं शेन वार्न ने अपने फ़ॉलोअर्स से पूछा क्या ये 21वीं शताब्दी की सबसे ख़ास बॉल है?

इसके अलावा पाकिस्तान के महान गेंदबाज़ और स्विंग के सुलतान वसीम अकरम भी इस बॉल से खासे प्रभावित दिखे और इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज़ केविन पीटरसन ने इसे एशेज़ सीरीज़ की सबसे बेहतरीन गेंद बताया है.

वहीं ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर एडम गिलक्रिस्ट का कहना था कि 'अगर आप ध्यान से देखें तो कायदे से ये गेंद फ़ाइन लेग की तरफ़ जानी चाहिए थी और इस हिसाब से जेम्स बिल्कुल ठीक शॉट खेल रहे थे. आप ऐसी गेंदों पर बल्लेबाज़ को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं, ये एक ऐसी गेंद थी, जिस पर बल्लेबाज़ चाहकर भी कुछ नहीं कर सकता है.'

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा कि 'यूं तो जेम्स बेहतरीन बल्लेबाजी कर रहा था और लग रहा था कि ये उसका दिन होने वाला है, लेकिन फिर आपका इस सदी की सबसे खास बॉल से सामना होता है और वाकई ऐसी गेंदों पर सिवाय बेबस होकर पवैलियन जाने के आप कुछ भी नहीं कर सकते हैं.'

वहीं इस गेंद पर आउट होने वाले जेम्स विंस भी मिचेल स्टार्क की तारीफ़ किए बिना नहीं रह पाए. उन्होंने कहा कि 'अगर मैं इस बॉल को 20 या 30 बार भी खेल लूं तो भी मुझे लगता है कि मैं हर बार आउट हो जाउंगा. मुझे लगता है कि गेंदबाज़ को क्रेडिट देकर मुझे आगे बढ़ जाना चाहिए.'

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Source: bbc.com