वैसे तो उत्तराखंड पूरे देश में अपने तीर्थ स्थलों के लिए प्रसिद्ध है और यही वजह है कि इसे देवभूमि भी कहा जाता है. लेकिन इसी देवभूमि में एक जगह ऐसी भी है जहां जाकर आपको स्वर्ग यानि कि कश्मीर में होने के जैसा एसहास होगा. इस जगह का नाम है मुनस्यारी, जो मिनी कश्मीर के नाम से जाना जाता है. मुनस्यारी ही क्यों? चलिए इस सवाल का भी जवाब देते हैं.

ट्रेकिंग हैवन

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मुनस्यारी का मतलब होता है, वो जगह जो बर्फ़ से ढकी हो. यहां के बर्फ़ीली वादियों और पहाड़ों को देख कर आपको इसका एहसास भी हो जाता है. वहीं स्थानीय भाषा में इसे मुनियों का स्थल भी कहा जाता है. ये उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से 130 किलोमीटर दूर स्थित एक हिल स्टेशन है. हिमालय की गोद में बसे इस पर्यटन स्थल पर ट्रेकिंग और स्कीइंग के शौकीन लोगों का जमावड़ा लगा रहता है.

चारो तरफ बर्फ से ढ़की चोटियां

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मुनस्यारी से आपको हिमालय के बर्फ़ ढ़की चोटियों का बहुत ही सुखद नज़ारा देखने को मिलता है. हिमालयन रेंज की जानी-मानी पर्वत श्रंखलाओं में से एक पंचौली भी यहां मौजूद है. इसकी सरहदें नेपाल और तिब्बत से मिलती हैं. यहीं इंडिया और तिब्बत के बीच का वो ट्रेड रूट मौजूद है जो सैंकड़ों वर्ष पुराना है. इसके आस-पास नंदा देवी, नंदा कोट और त्रिशूल जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भी हैं.

प्रवासी पक्षियों से मिलना

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यहां के नामिक ग्लेशियर से कई झरने गिरते हैं, जो लोगों के आकर्षण का एक और प्रमुख कारण है. सैंकडों देशी-विदेशी पक्षियों का घर भी है मुनस्यारी. देवदार और पाइन जैसे पेड़ों के से भरे जंगलों में आपको Wagtail, Raven, Falcon जैसे प्रवासी पक्षी आसानी से दिखाई दे जाएंगे.

Village Tourism

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सुदूर पहाड़ियों पर बसे यहां के गांव अपने अनोखी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं. इनसे रूबरू होना काफ़ी दिलचस्प रहेगा. यहां घूमने का सबसे अच्छा वक़्त मार्च से जून का ही होता है. इस दौरान मौसम साफ़ रहता है और रास्ते भी. आप आराम से ट्रेकिंग और Sightseeing का आनंद ले सकते हैं. वहीं अगर आप स्नोफाल देखना पसंद करते हैं, तो आपको यहां दिसंबर और फरवरी के बीच में आना चाहिए.

कैस पुहंचे

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दिल्ली से मुनस्यारी 600 किलोमीटर दूर है. यहां से फ्लाइट, रेल और सड़क के रास्ते पहुंच सकते हैं. नैनीताल के पंतनगर एयरपोर्ट से दिल्ली की चार फ्लाइट्स हैं. यहां से मुनस्यारी 250 किलोमीटर है. यहां से आप टैक्सी और बस के ज़रिये मुनस्यारी पहुंच सकते हैं. रेल से सफ़र करने वालों को काठगोदाम स्टेशन पर उतरना होगा. यहां से भी आपको टैक्सी मिल जाएंगी. काठगोदाम से मुनस्यारी 275 किलोमीटर दूर है.

तो देर किस बात की, बस अपना बैग पैक कीजिए और निकल पड़िए इस मिनी कश्मीर की सैर पर.

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