आज देश की राजनीति में गाय का मुद्दा कुछ इस कदर हावी हो चुका है कि गरीबी, विकास और बेरोजगारी के मुद्दे कहीं पीछे छूटते नज़र आ रहे हैं. गौ हत्या की आड़ में आये दिन मुसलमानों को निशाना बनाना, तो जैसे अब एक आम बात हो चुकी है, जो किसी आयी-गई ख़बर की तरह ही भुला दी जाती है.

इस सब के बीच हरियाणा के खरखौदा गांव में एक ऐसा मामला देखने को मिला है, जिसने हिन्दू और मुसलमान के बीच बढ़ती खाई को भरने का काम किया है. दरअसल, यहां रहने वाले नूर खान की बेटी गुलशाना का निकाह था, जिसमें निकाह के बाद नूर खान ने पास की ही हसनगढ़ की गोशाला में एक गाय के साथ 5100 रुपये का दान दिया.

इस बारे में नूर खान का कहना है कि 'उनकी बेटी को बचपन से ही गायों से बहुत प्यार है और वो रोज़ गाय को रोटी और गुड़ खिलाती है. वो कई बार घर पर गाय रखने के लिए मुझे बोल चुकी है, पर जगह की कमी के कारण हम गाय पालने में असमर्थ थे.' पर नूर खान ने अपनी बेटी से वादा किया था कि उसकी शादी पर वो एक गाय ज़रूर देंगे.

इस वादे को पूरा करने के लिए उन्होंने गौशाला में गाय को दान में दिया. नूर खान के इस कदम की लोगों ने भी तारीफ़ की है और आपसी सद्भाव बढ़ाने की दिशा में एक प्रयास बताया है.