इस बात से हर कोई वाकिफ़ है कि सदियों से गाय, हिन्दू धर्म की संस्कृति और सभ्यता का हिस्सा रही है, जिसका ज़िक्र वेदों से ले कर पुराणों और उपनिषदों में देखने को मिलता है. इसके बावजूद कुछ लोग अपने स्वार्थ के लिए धर्म विशेष को ताक पर रख कर गौ हत्या कर रहे हैं. गौ हत्या के पीछे हम लोगों की मानसिकता कुछ ऐसी बन गई है कि हम सीधे तौर पर इसके लिए एक मुसलमान को ज़िम्मेदार मानते हैं. इसी मानसिकता को तोड़ने के लिए आज हम आपके लिए एक गांव की कहानी ले कर आये हैं, जो मुस्लिम बहुल होने के बावजूद गौरक्षकों का गढ़ माना जाता है. हरियाणा-राजस्थान की सीमा पर बसे होने की वजह से रामगढ़ गाय की तस्करी का आसान रास्ता माना जाता है, रात के अंधेरे का फ़ायदा उठा कर तस्कर यहां से गायों को बूचड़खानों तक पहुंचाने में कामयाब हो जाते हैं.

पर इस गांव में बसे मुस्लिमों की वजह से तस्करों की ये चालें कई बार नाकाम हुई है. इस गांव में रहने वाले लोग एक मुस्लिम गौ-सेवा रक्षक दल चलाते हैं, जो सालों से गायों को पालता हुआ आ रहा है. यहां रहने वाले मुसलमानों का मानना है गाय सिर्फ़ हिन्दू धर्म का ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का भी हिस्सा है.

Source: 101india