आधुनिक समय की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल जलवायु परिवर्तन किसी देश की समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक समस्या है. जलवायु परिवर्तन को लेकर भले ही विश्व समुदाय मंथन कर रहा हो, लेकिन इस मामले में संजीदगी कहीं से भी नहीं दिख रही है. जलवायु परिवर्तन के चलते जहां वायुंडलीय दुष्प्रभाव दिखाई दे रहा है, वहीं मानव जीवन के साथ-साथ इस धरती के तमाम जीव-जंतुओं के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है. यह समस्या इतनी भयावह है कि वह दिन दूर नहीं, जब इसके कारण सारी पृथ्वी काल के गाल में समा जाएगी और विनाशलीला का मंज़र देखने के लिए इस धरती पर कोई भी नहीं होगा.

National Geographic ने दुनिया भर से ऐसी चौंकानें वाली तस्वीरों का संग्रह तैयार किया है, जिससे पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को किस तरह से प्रभावित कर रहा है. गौरतलब है कि National Geographic ने फ़ोटोग्राफ़र्स को जलवायु परिवर्तन पर दुनियाभर की तस्वीरों को एकत्र करने को कहा था. जिसके बाद दर्जनों फ़ोटोग्राफ़र्स ने ग्लोबल वॉर्मिंग की तस्वीरों को अपने कैमरे में कैद किया.

निवास और भोजन की तलाश कर रहे जीव-जंतुओं की तस्वीरें आपका दिल दहलाने के लिए काफ़ी होंगी. अब ऐसा लगता है कि इस विनाशकारी परिवर्तन का सामना करने में जीव-जंतु असमर्थ हो रहे हैं. आप भी देखिये इस विनाशलीला की झलकियों को...

1. 

इस तस्वीर को Patty Waymire ने कैद किया है. जब ध्रुवीय भालू हताश होकर बर्फीली जलवायु की तलाश में भटक रहा था, तभी इन्होंने इस पल को कैमरे में कैद कर लिया. गौरतलब है कि यह भालू अलास्का में स्थानीय आइलैंड के तट पर पाया जाता है. मौसम का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि यह अक्टूबर में ली गई तस्वीर है.

2. 

बंगाल में सूखा- सूखे की भयावहता को दिखाती ये तस्वीर Ujjal Das ने ली है. यह ऐसा सूखा क्षेत्र है कि गर्मी के समय में पूरा जिला सूखे की चपेट में आ जाता है और पानी की समस्या से जूझता है. यहां सिंचाई भी नहीं होती. पीने के पानी के लिए लोग मीलों दूर पैदल जाते हैं.

3. 

कूड़ा-कचरा मिथेन गैस का बहुत बड़ा स्रोत होता है और मिथेन गैस वायुमंडल के लिए हानिकारक होता है. इटली में कूड़े के अंबार के बीच से गुजरती इस महिला की तस्वीर को इतालवी फ़ो़टोग्राफ़र Antonio Pellicano ने अपने कैमरे में कैद की है.

4. 

कारखानों से निकलने वाले धुएं सिंगापुर शहर के ऊपर अच्छादित होकर न सिर्फ़ उसकी खूबसूरती बिगाड़ रहे हैं, बल्कि वातावरण को भी दूषित कर रहे हैं. इस तस्वीर को Terence Chiew ने खींची है.

5. 

 बांग्लादेश के जमालपुर में बाढ़ की विभीषिका को अपने कैमरे के द्वारा दिखाने की कोशिश की है फ़ोटोग्राफ़र Probal Rashid ने. बांग्लादेश नियमित तौर पर पहले से ही कई प्राकृतिक खतरों से त्रस्त है. जलवायु परिवर्तन के परिणाम के रूप में चक्रवात, नदी कटाव, भूस्खलन और सूखा देखने को मिलता रहता है.

6. 

Northern Svalbard के आइलैंड पर मरे हुए ध्रुवीय भालू की तस्वीर को फ़ोटोग्राफ़र Vadim Balakin ने लिया है. ऐसा माना जाता है कि इस भालू की मौत भोजन की कमी की वजह से हुई है. यह ग्लोबल वॉर्मिंग का ही परिणाम है कि आज इस तरह के भालू मरे जा रहे हैं.

7. 

रूस का Franz Josef Land archipelago एक ध्रुवीय स्टेशन है, जहां लोग ध्रुवीय भालू से सुरक्षा के लिए लोग साथ में कुत्ते लाते हैं. बढ़ रहे तापमान और पिघलती बर्फ के कारण इन ध्रुवीय भालूओं की ज़िंदगी पर खतरा मंडरा रहा है. ये तस्वीर Vladimir Melnik ने ली है.

8. 

यह 2013 में San Francisco का परिदृश्य है. आसमान में ज्वालामुखी के धुएं और कण फैले हुए हैं. इस तस्वीर को फ़ोटोग्राफ़र Eric Smith ने अपने कैमरे में कैद किया है.

9. 

समुद्री जल स्तर बढ़ने से पश्चिम बंगाल में गंगा के डेल्टा क्षेत्र में कटाव के कारण कई घर जलमग्न हो रहे हैं. गंगा के किनारे वाले लोग अपने घरों को छोड़कर इधर-उधर अपना आशियाना तलाश रहे हैं. ये तस्वीर अर्का दत्त ने ली है.

10. 

आइलैंड के ग्लेशियर्स तेज़ी से गायब होते जा रहे हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण बढ़ रहे तापमान के कारण दुनिया भर के ग्लेशियर पिघल रहे हैं और वही समुद्री जल स्तर बढ़ने का कारण भी बन रहे हैं. साल 2000 से ग्लेशियरों के साइज़ में लगभग 12 फीसदी की गिरावट देखी गई है. ये तस्वीर Tom Schifanella ने ली है.

11.

ये कंबोडिया के एक अस्थायी गांव का हवाई दृश्य है. मौसमी वर्षा चक्र पैटर्न बदलने का क्या कुप्रभाव पड़ता है, इसकी बानगी दिखाती है फ़ोटोग्रफ़र Stuart Chape की ये तस्वीर.

12. 

पेड़ों की कटाई जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा कारक है. Zagros के 30 फीसदी से अधिक जंगलों को इंसानों ने बर्बाद कर दिया है. इस फ़ोटो को तुर्की फ़ोटोग्राफ़र Mohamad Al Najib ने कैद किया है.

13.

बर्फ की चादर बनी Greenland में लोग शिकार कर अपना और अपने परिवार का जीवन चलाते हैं. अगर यहां की बर्फ पिघल जायेगी, तो यहां लोगों का जीना मुश्किल हो जाएगा. इस तस्वीर को Probal Rashid ने अपने कैमरे में कैद किया है.

14. 

इज़रायल में मछलियों के तालाबों की हालत काफ़ी बुरी है. पानी की कमी के कारण ज़मीन सूखने लगी है, जिसकी एक बानगी आप फ़ोटोग्राफ़र Tomas की तस्वीर में देख सकते हैं.

15. 

यह जलवायु परिवर्तन का ही असर है कि जिन जानवरों को हरे-भरे जंगल में रहकर कंद-मूल खाने चाहिए, वो यहां सूखे में अपनी ज़िंदगी किसी तरह बचाने की कोशिश कर रहे हैं. ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण सर्दी-गर्मी का बेसमय आ जाना अपने आप में एक त्रासदी है. फ़ोटोग्राफ़र photographer Jetje Japhet ने इस तस्वीर से बहुत कुछ समझाने की कोशिश की है.

16. 

Ghaneshwaran Balachandran द्वारा ली गई इस तस्वीर को देखिये और शरीर पर लिखे सारे शब्दों को भी देखिये, समस्या आपको खुद-ब-खुद दिखने लगेगी.

17. 

फ़ोटोग्राफ़र Jennifer Warner द्वारा ली गयी अलास्का के ग्लेशियर की धुंधली होती यह तस्वीर बताती है कि वातावरण किस तरह से प्रदूषित होता जा रहा है.

18. 

फ़ोटोग्राफ़र Maxi Marufo द्वारा ली गई 30 साल पुराने पेड़ की यह तस्वीर अर्जेंटिना की है. पृथ्वी का करीब 30 फीसदी हिस्सा जंगलों से अच्छादित है. लेकिन इस प्रतिशत में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल रही है. क्योंकि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई हो रही है.

बहरहाल, हर साल 2 दिसंबर को विश्व पर्यावरण निवारण दिवस मनाया जाता है और हम सभी अपनी धरती को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के लक्ष्य निर्धारित करते हैं और प्रण लेते हैं, मगर हमारी हर कोशिश सिर्फ कोशिश बनकर ही रह जाती है. काश विश्व समुदाय सक्रियता से इसके लिए कुछ इनोवेटिव कदम उठा पाता.