हम हिंदुस्तानियों की एक खास पहचान ये होती है कि हम कई बार हारने के बावजूद कोशिश करना नहीं छोड़ते. इसी वजह से जीत एक न एक दिन हमारे कदम ज़रूर चूमती है, अगर जीत न भी मिली, तो हमारी हार भी लोगों के सामने एक मिसाल छोड़ती है. हमारी इसी खूबी को देखते हुए मशहूर कवि सोहनलाल ने लिखा था कि:

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

लहरों के इसी समंदर पर सवार हो कर 'नेशनल ट्राइएंगुलर व्हीलचेयर T-20 क्रिकेट सीरीज' के दौरान जब खिलाड़ी बैट और बॉल को थामे मैदान पर उतरे, तो सारे देश की निगाहें उन पर ही टिक गई. इस सीरीज़ की शुरुआत 2009 में 6 राज्यों की आधिकारिक टीमों के साथ हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, दिल्ली और राजस्थान शामिल हैं. आज इसी सीरीज़ की कुछ तस्वीरें हम आपके लिए लेकर आये हैं, जिन्हें देख कर आप भी क्रिकेट की इस मस्ती के नशे में डूब जायेंगे.

जयपुर के चौगान स्टेडियम में पंजाब की बॉलिंग का जवाब देते हुए राजस्थान के कप्तान पृथ्वी सिंह.

इससे पहले राजस्थान के प्लयेर दिल्ली के लिए खेला करते थे, पर अब उनके पास उनकी अपने टीम है.

इंडिया की तरफ़ से इस तरह के वर्ल्ड चैंपियनशिप में शतक बनाने वाले इकलौते खिलाड़ी पंजाब के रोहित अनहोत्रा हैं, जिनका कहना है कि 'कई खिलाड़ी इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने के लिए व्हीलचेयर ही नहीं खरीद पाते.'

इस चैंपियनशिप का फाइनल मैच पंजाब और राजस्थान के बीच खेला गया. मैच के दौरान कैच के लिए Dive मारता एक खिलाड़ी.

हरियाणा के ख़िलाफ़ खेले गए मुकाबले में पंजाब के रोहित शॉट लगते हुए.

इस मैच की प्रैक्टिस से पहले खेल आयोजकों को चिंता थी कि कहीं व्हील चेयर की वजह से पिच ख़राब न हो जाये.

पंजाब को फाइनल में हरा कर जश्न मानते राजस्थान के खिलाड़ी.

इन मैचों के दौरान खिलाड़ियों के ब्रेक का भी ध्यान रखा गया.

आखिर में वो ट्रॉफी, जिसके लिए खिलाड़ियों ने जी-जान से मेहनत की.

Source: ht