2017 में बढ़ते तापमान और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से दुनिया के हर महाद्वीप पर त्रासदियां हुईं. दक्षिण एशिया में बाढ़ और मॉनसून ने जीवन अस्त व्यस्त किया तो उत्तरी अमेरिका में चक्रवात और भूकंप ने ज़िंदगी दूभर बनाई. इसके अलावा मध्य अमेरिका में लगातार सुनामी का खतरा बना रहा, वही अफ्रीका में सूखे और लैंडस्लाइड्स की शक्ल में प्रकृति हमलावर रही. इन आपदाओं के बाद महामारी की तरह फ़ैलने वाली बीमारियां कुछ और ज़िंदगियां लील जाती हैं लेकिन दुनिया में आज भी कई ऐसे राजनेता हैं जो ग्लोबल वॉर्मिंग को मज़ाक समझते हैं या फिर जानबूझ इसे लेकर अनभिज्ञता जताते हैं लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि ग्लोबल वॉर्मिंग ने हमारे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है और इस साल आई ये आपदाएं इसकी गवाह हैं. 

यूएन के डिसास्टर रिस्क अधिकारी के मुताबिक, ये घटनाएं साबित करती हैं कि हमें प्रकृति को बचाने के अपने प्रयासों पर दोबारा काम करने की ज़रूरत है ताकि भविष्य में इनसे होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके. यूं तो इन आपदाओं के प्राकृतिक कारण भी हैं लेकिन इनकी बढ़ी तीव्रता हमें धरती के खराब होते हालातों का एहसास ज़रूर कराती है. इस साल भी कई प्राकृतिक आपदाओं ने दुनिया के कुछ हिस्सों में कई ज़िंदगियां तहस-नहस कर दीं, कई शहरों की रौनक छीन ली और करोड़ों लोगों को प्रभावित किया. 

1. भारत

भारत में 24 अगस्त तक असम, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के करीब 3 करोड़ 20 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. 600 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. प्रशासन ने लोगों के लिए 2000 Relief Camps का बंदोबस्त किया है. सेना, नेवी और पुलिस के साथ ही साथ बोट्स और हेलीकॉप्टर्स के इंतज़ाम की कोशिशें की गई हैं.

2. अफ़गानिस्तान

भारी बर्फ़बारी के बाद आए Avalanches की वजह से अफ़गानिस्तान और पाकिस्तान में 156 लोगों की मौत हुई है और 300 घर उजड़ गए थे.

3.  श्रीलंका

Source: CNN

मई महीने के आखिरी दो दिनों में हुई बारिश ने श्रीलंका के कुछ हिस्सों में उथल-पुथल मचा दी थी. भारी बारिश और तेज़ मानसून हवाओं की वजह से बाढ़ और लैंड स्लाइड्स की स्थिति उत्पन्न हुई थी जिससे 213 लोगों की मौत हुई थी और 4,15,600 लोग प्रभावित हुए थे. इनमें 30 प्रतिशत जनसंख्या बच्चों की थी. इस आपदा के बाद फैले डेंगू से 250 लोगों की मौत फिर हुई थी.

4. कोलंबिया

कोलंबिया के मोकोया में लैंडस्लाइड होने के चलते भारी क्षति पहुंची थी. इस आपदा में 200 लोग घायल और कम से कम 300 लोग मारे गए थे. अप्रैल में हुई इस घटना के दो हफ़्तों बाद ही कोलंबिया में एक बार फिर लैंडस्लाइड हुआ था, जिसमें 17 लोग मारे गए थे और दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे.

5.Sierra Leone

भारी बारिश और लैंडस्लाइड्स की वजह से Sierra Leon में 600 लोग मर चुके हैं और 6000 से अधिक लोग प्रभावित हैं. UN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित लोगों में से 85 फ़ीसदी लोगों तक खाना और दूसरी मदद पहुंच गई है.

6. जिंबाब्वे

2017 के शुरूआती कुछ महीनों में जिंबाब्वे में आई भारी बारिश और चक्रवात से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों लोग बेघर हो चुके हैं. अक्टूबर 2016 में यहां शुरू हुए बरसात के सीज़न के बाद से अफ़्रीका के इस देश में लगभग 250 लोग प्राकृतिक आपदा का शिकार हो चुके हैं.

7. चीन

चीन में जनवरी से जुलाई के बीच झमाझम बारिश का दौर चला था जिसमें करीब 144 लोगों की मौत हुई थी. केवल जुलाई में ही करीब 50 लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा 2017 में अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं के कारण भी चीन में कम से कम 70 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. चीन की सिविल मिनिस्ट्री के मुताबिक, इन आपदाओं के चलते करीब 10 लाख लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और 31000 से ज़्यादा लोगों के घर ही बर्बाद हो चुके हैं.

8. मेक्सिको

Source: Business insider

19 सितंबर को आए 7.1 तीव्रता वाले भूकंप ने मेक्सिको में 225 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इस झटके के बाद वहां के इंफ़्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है. 1985 में भी एक ऐसे ही भूंकप में मेक्सिको में हजा़रों लोगों की मौत हुई थी. मेक्सिको शहर और Puebla में भूकंप के केंद्र के पास मौजूद बिल्डिंस ध्वस्त हो चुकी हैं. इसके अलावा भी एक भूकंप के झटके से मेक्सिको में 96 लोगों की मौत हुई थी और 2.5 मिलियन लोग प्रभावित हुए थे.

9. फ़िलीपींस

Source: b'Source: asiasentinel'

दक्षिणी फिलीपींस में फरवरी में तेज भूकंप की वजह से कम से कम 15 लोगों की मौत हो गयी, जबकि मलबे की चपेट में आने से करीब 90 लोग घायल हो गये. भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.5 की मापी गई थी. इसके अलावा जनवरी में आई बाढ़ के चलते उत्तरी Mindanao और Visayas में भी हज़ारों लोगों को बेघर होना पड़ा था.