धर्म के केंद्र मनुष्यता और नैतिकता होने चाहिए. यदि नहीं, तो धर्म एक क्रूर अंधविश्वास है. बाबा साहेब अंबेडकर का ये कथन आज भी भारतीय समाज के लिए प्रासंगिक बना हुआ है. पिछले कुछ समय से देश के कई क्षेत्रों से धार्मिक उन्माद की खबरें आ रही हैं. गोरक्षा की आड़ में लोगों पर अत्याचार, सोनू निगम को लेकर फ़तवा और कश्मीरी युवाओं के सामाजिक बहिष्कार जैसी हालिया खबरें बताती हैं कि भारत के सेक्युलर फैब्रिक को चोट पहुंची है.

बॉलीवुड स्टार, नवाजु़द्दीन सिद्दीकी ने इस संवेदनशील मुद्दे पर एक वीडियो बनाया है जो नकारात्मकता के इस माहौल में आपको ताज़ी हवा के झोंके की तरह महसूस होगा. नवाज़ ने प्लेकार्ड का इस्तेमाल करते हुए ये वीडियो बनाया है. प्लेकार्ड्स के द्वारा नवाज कहते हैं कि अपने डीएनए के मुताबिक वे दुनिया के हर धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं. वे 16 प्रतिशत हिंदू हैं, तो 16 प्रतिशत मुस्लमान, सिख, ईसाई और बौद्ध धर्म के अनुयायी भी हैं. लेकिन इन सबसे बढ़कर वे एक आर्टिस्ट हैं और एक इंसान हैं.

इस वीडियो के द्वारा वे भारत की अनेकता में एकता संस्कृति के महत्व और मानवता को सबसे बड़े धर्म के रूप में प्रदर्शित कर रहे हैं. एक्टिंग में अपना लोहा मनवा चुके नवाज़ुद्दीन का ये वीडियो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है.