पिछली जेनरेशन के मुकाबले इस जेनरेशन को इंटरनेट की खास सौगात मिली है. Gen Y की ज़िंदगी महज़ एक क्लिक की बदौलत बेहतर और आसान हो गई है. टीवी सेट्स से लेकर सब्ज़ियां तक हम आज घर बैठे मंगा सकते हैं. लेकिन इसी के साथ कई और चुनौतियों ने भी दस्तक दी है. इन्हीं में से एक हैं ऑनलाइन धोखाधड़ी.

जैसे-जैसे इंटरनेट का इस्तेमाल लोगों के बीच अपनी पैठ बना रहा है, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले भी आम हुए हैं. आपने भी जैकपॉट और लॉटरी जैसे कई स्पैम इमेल्स के बारे में तो सुना ही होगा. इंटरनेट का नियमित इस्तेमाल करने वाले लोग इस तरह की धोखाधड़ी के बारे में बखूबी जानते हैं. लेकिन अब भावनाओं और टेक्नोलॉजी का नया कॉकटेल लोगों को बेवकूफ़ बनाने के काम आ रहा है.

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वेलपुरी पवित्रा मशहूर ऑनलाइन साइट OLX पर एक स्ट्रोलर बेचना चाहती थीं, लेकिन उन्हें एक शख़्स से जिस तरह की प्रतिक्रिया मिली, उससे साफ़ हो गया कि वो किसी तरह की चालबाज़ी करना चाहता है. जानिए पवित्रा की कहानी उन्हीं की ज़ुबानी.

'मैंने दो महीने पहले OLX पर एक विज्ञापन डाला था. बच्चों को घुमाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस Stroller के लिए लोग मेरे तय मुताबिक रकम के लिए हामी नहीं भर रहे थे. दो महीने होने को आए थे और मैं इसके बारे में भूल भी चुकी थी, लेकिन कुछ ही दिनों पहले मुझे चैट मेसेंजर पर मेसेज आया कि क्या वो स्ट्रोलर अब भी सेल के लिए उपलब्ध है? मैंने हामी भर दी और ये शख़्स बिना कोई तोल-भाव किए 3500 रुपये में इस स्ट्रोलर लेने के लिए राज़ी हो गया'.

'अगले दिन मैंने उसे सुबह फ़ोन किया. इस शख़्स ने अपना नाम विशाल बताया. उसने कहा कि वो पुणे में मौजूद अपनी बहन के बच्चे के लिए इसे खरीदना चाहता है'.

'विशाल का कहना था कि वो मेरे अकाउंट में 3500 रुपये जमा कर देगा और उसकी बहन मुझसे आकर वो स्ट्रोलर ले जाएगी. मैंने जब विशाल को व्हाट्सएप पर अपने अकाउंट की डिटेल्स भेजीं, तो मुझे महज़ तीन मिनट के अंदर एक मेसेज पहुंच गया. 59444 नंबर से मुझे ये मेसेज आया था और इस उसमें लिखा था कि मेरे अकाउंट में 13,500 रुपये क्रेडिट कर दिए गए हैं. मैं हैरान थी क्योंकि उस स्ट्रोलर की कीमत तो केवल 3500 रुपये थी.'

'मुझे ठीक से समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है. मैंने विशाल को व्हॉट्सएप पर मेसेज किया. उसका कहना था कि ये ट्रांसफ़र गलती से हुआ है और उसने मुझसे बाकी बचे 10 हज़ार रुपये वापस भेजने की गुज़ारिश की. उसने कहा कि ये अर्जेंट है क्योंकि वे पैसे वो अपनी मां को ट्रांसफ़र करना चाहता था जो अस्पताल में उसके पैसों का इंतज़ार कर रही है.'

'जब मैंने विशाल से उसके अकाउंट डिटेल्स के बारे में पूछा तो उसने कहा कि आप मेरी मां के पेटीएम में पैसे ट्रांसफ़र कर दीजिए. मैंने उसकी बात मान ली, लेकिन मुझे कुछ संदेह ज़रूर हुआ. पैसे ट्रांसफ़र करने से पहले मैं अपना अकाउंट चेक करना चाह रही थी क्योंकि मुझे फ़ोन पर तुरंत आए उस मैसेज पर भरोसा नहीं हो रहा था लेकिन हैरानी की बात थी कि विशाल मुझसे जल्दी-जल्दी पैसे ट्रांसफ़र करने की गुहार लगा रहा था'

'मैंने अपने बैंक के कस्टमर केयर पर फ़ोन किया और पूछा कि क्या महज़ तीन मिनटों के अंदर पैसा ट्रांसफ़र कराया जा सकता है? उन्होंने मुझसे ट्रांसफ़र मोड (NEFT या IMPS) चेक करने के लिए कहा और उसके बाद बताया कि इस तरह ट्रांसफ़र में तो 2 घंटे लगते हैं. मैंने यही बात विशाल से भी पूछी. कस्टमर केयर से बात करने पर मेरा शक़ यकीन में बदल गया. मेरे अकाउंट में कोई पैसे जमा नहीं हुए थे.'

'कस्टमर केयर से बात करने के दौरान मुझे विशाल लगातार मेसेज कर रहा था. वह बार-बार ये बात दोहरा रहा था कि ये बहुत अर्जेंट है और अपनी मां के अस्पताल में होने जैसी बातों के द्वारा भावनात्मक रुप से फ़ंसाने की कोशिश कर रहा था. मैंने उसे बताया कि मुझे एक मेसेज आया है और मेरे अकाउंट में कोई पैसे नहीं पहुंचे हैं.

मैंने उसे ये बात बताने के लिए फ़ोन किया और पूछा कि कहीं गलती से उसने किसी दूसरे अकाउंट में तो पैसा नहीं भेज दिया है? बैंक का नाम पूछने पर उसने आईसीआईसीआई बताया और फ़ोन काट दिया. मैंने इसके बाद उसे 3-4 बार फ़ोन मिलाने की कोशिश की, लेकिन उसका नंबर बिज़ी था. मुझे ये बात समझ आनी शुरू हो चुकी थी कि मेरे साथ धोखाधड़ी की कोशिश हो रही है. फ़र्जी मेसेजेस के इस रैकट के बारे में जानकर मैं हैरान थी.'

'लेकिन मुझे तब भी लग रहा था कि शायद सच में विशाल की बहन को इस स्ट्रोलर की ज़रूरत हो और वाकई में इसकी मां अभी परेशानी में हो. लेकिन कस्टमर केयर से बात हो जाने के बाद मैं निश्चिंत थी कि मेरे साथ ऑनलाइन ठगी की कोशिश की जा रही है'.

'मुझे दो घंटे बाद विशाल का कॉल आया जिसे मैंने इग्नोर कर दिया. हालांकि मैंने Whatsapp पर उसे एक मेसेज भेज दिया. इसमें लिखा था कि मेरे अकाउंट में कोई पैसा नहीं पहुंचा है. मैं उम्मीद करती हूं कि तुम लोगों को इस तरह ठगना बंद करोगे. मैं सच में चाहती थी कि काश तुम्हारी एक बहन होती. उम्मीद है तुम्हारी मां को ऐसी किसी स्थिति का सामना न करना पड़े जहां उन्हें वाकई में पैसों की ज़रूरत हो. ऐसा न हो उस समय तुम वास्तव में बेबस रह जाओ.'

नीचे दिए गए ये वो नंबर हैं, जिनसे मुझे कॉल आया था

कॉल +91 9967957477

पेटीएम +91 8948413565.

इंटरनेट ने भले ही हमारी ज़िंदगी को आसान किया है, लेकिन इसने ठगों को भी पैर पसारने का मौका दिया है. इस महिला के साथ जो हुआ वो किसी के साथ भी हो सकता है. ऐसे में ऑनलाइन सतर्कता और सावधानी से ही ऐसे स्कैम से बचा जा सकता है.

Source: Scoopwhoop