कांग्रेस सांसद और देश के मशहूर राजनेता शशि थरूर को एक बेहतरीन वक्ता माना जाता है. उनकी राजनीतिक विचारधारा से भले ही कई लोग इत्तेफाक न रखते हों, लेकिन उपनिवेशवाद, राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों पर जब भी बहस होती है, तो उनका कोई सानी नहीं है. कुछ समय पहले उपनिवेशवाद के मुद्दे पर ब्रिटेन के लोगों को फटकार लगाते हुए भी उन्होंने काफ़ी सुर्खियां बटोरी थी.

कांग्रेस में थरूर के बढ़ते रुतबे को देखते हुए तिरुवनंतपुरम के एक शख़्स ने उन्हें 2019 के आम चुनाव में यूपीए का प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाने के लिए एक ऑनलाइन मुहिम भी शुरू की थी. हालांकि इस कैम्पेन के चर्चा में आने के बाद थरूर ने लोगों का शुक्रिया अदा करते हुए इस पेटीशन को बंद करने की सलाह दी थी.

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लेकिन हाल ही में एक और ऑनलाइन याचिका ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है. खुद थरूर ने इस मुहिम को लेकर हामी भरी है. लंदन में रहने वाले शशि के भतीजे, अविनाश थरूर ने इस ऑनलाइन मुहिम को शुरू किया है.

इस पिटीशन के मुताबिक, 18वीं शताब्दी में अंग्रेज़ दुनिया के सबसे अमीर देश आए और 200 साल की लूटमार के बाद उसे गरीबी के गर्त में धकेल कर चले गए. अगर इस पिटीशन पर 1 लाख हस्ताक्षर होते हैं, तो ब्रिटेन की पार्लियामेंट में हिंदुस्तान से माफ़ी मांगने को लेकर एक बहस की शुरुआत की जा सकती है. इस पिटीशन को थरूर ने भी रिट्वीट किया है.

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गौरतलब है कि अपनी नई किताब 'Inglorious Empire' में थरूर ने ब्रिटेन पर उपनिवेशवाद को लेकर तीखे हमले किए थे. उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन के बच्चों को स्कूलों में उपनिवेशवाद के बारे में एक लाइन भी नहीं पढ़ाई जाती. ब्रिटेन ने देश के किसानों के साथ-साथ सैनिकों पर भी अत्याचारों को अंजाम दिया है. थरूर ने कहा कि ये सब बातें वर्तमान के दो बराबर देशों के मौजूदा रिश्तों के बारे में नहीं है, लेकिन दोनों देशों की पीढ़ी को इतिहास के बारे में जानना भी बेहद ज़रूरी है.