ऑफ़िस में आप अभी अपने काम पर ध्यान लगाने की कोशिश कर ही रहे होते हैं कि पीछे से लड़कियों की खिलखिलाहट आपका ध्यान भंग कर देती है. इसके बाद लाख कोशिश करने के बावजूद आप उस तरह से नहीं सोच पाते, जैसा काम को शुरू करने के पहले सोच रहे थे. आंकड़ो पर नज़र डालें, तो आज लगभग 70% ऑफ़िसों का यही हाल है. इसके पीछे एक बड़े ऑफ़िस में ओपन स्पेस कल्चर का चलन भी है. The Sound Agency के Julian Treasure भी इस बात से इत्तेफ़ाक़ रखते हैं. उनका मानना है कि इस ओपन स्पेस कल्चर की वजह से शोर बहुत बढ़ जाता है, जिसका असर कर्मचारियों की कार्यक्षमता पर देखने को मिलता है, जो की करीब 66% तक गिर जाती है. आज हम आपके लिए कुछ ऐसे ही फैक्ट्स ले कर आये हैं, जो साबित करते हैं कि शोर की वजह से सच में कार्यक्षमता और प्रॉडक्टिविटी काम हो जाती है.

ऑफ़िस के शोर पर रिसर्च करने वाली मैगज़ीन Psychological Bulletin ने 242 लोगों पर परिक्षण करके निष्कर्ष निकाला कि इस शोर की वजह से आप न ही पढ़ पाते हैं और न ही सोच पाते हैं. इस चीज़ का सीधा असर आपके काम की क्वालिटी पर देखने को मिलता है.

The Sound Agency के Julian Treasure दावा करते हैं कि 'जब कई लोग एक साथ काम कर रहे होते हैं, तो इससे शोर उठना स्वभाविक है. आपके न चाहने के बावजूद आप इस शोर से नहीं भाग सकते, जिसकी वजह से अपने काम में ध्यान लगाने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ती है और आप अपने दिल की आवाज़ भी नहीं सुन पाते.'

University of Illinois ने Urbana-Champaign के ज़रिये बताने की कोशिश की है कि ये शोर आपके सोचने की शक्ति को ख़तम कर देता है, जिसकी वजह से आपकी क्रिएटिविटी धीरे-धीरे मरने लगती है.

Noise Health मैगज़ीन में प्रकशित हुई एक स्टडी का कहना है कि ज़्यादा समय तक इस शोर का हिस्सा बने रहने से आपको स्ट्रेस होने लगता है और आपकी धड़कने तेज हो जाती हैं.

The Journal of Applied Psychology में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, ओपन स्पेस की वजह से पैदा हुआ शोर आलस का कारण बनता है. इसकी वजह से आपको बैठने के लिए बार-बार मशक़्क़त करनी पड़ती है.

The European Union ने जब इसके आर्थिक नुकसान के बारे में जानकारी जुटाना शुरू किया, तो काफ़ी चौंकाने वाले आंकड़े सामने आये. इसकी रिपोर्ट के अनुसार उत्पादन की कमी के साथ मेडिकल ख़र्च को जोड़ दिया जाए, तो हार साल करीब 52 बिलियन डॉलर का नुकसान होता है.

इंग्लैंड की HR Review के मुताबिक ओपन स्पेस कल्चर की वजह से कर्मचारी ज़्यादा छुट्टियां लेते हैं. इनके आंकड़ों के अनुसार इस वजह से 70% ज़्यादा कर्मचारियों ने बीमारी के नाम पर छुट्टियां ली.

बायोमेडिकल रिसर्च टीम के प्रोग्राम मैनेजर Tracey Pollard का कहना है कि 'इस शोर की वजह से आपको कई आवाज़ें पहचानने में दिक्क्त होती है और आप हमेशा के लिए बहरे भी हो सकते हैं.

Applied Cognitive Psychology में छपी स्टडी के मुताबिक इससे बचने के लिए कुछ लोग हैडफ़ोन का भी इस्तेमाल करते हैं, जिसके ज़्यादा इस्तेमाल से याददाश्त के जाने का भी ख़तरा रहता है.

Source: indiatimes