साल 2014 में बीजेपी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'अच्छे दिन' का नारा लेकर सत्ता में आयी थी. अब तक भारतीयों के तो नहीं, लेकिन विदेशियों और विज्ञापन कंपनियों के अच्छे दिन ज़रूर आ गए हैं.

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नए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 84 देशों की यात्रा पर करीब 280 मिलियन डॉलर ख़र्च हो चुके हैं. जबकि सरकार ने मोदी जी की प्रमुख परियोजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार प्रसार पर 640 मिलियन डॉलर ख़र्च कर दिए. अब तक मोदी जी की विदेश यात्राओं और विज्ञापनों पर कुल मिलाकर 920 मिलियन डॉलर यानि कि कुल 66,12,08,60,000 रुपये ख़र्च हो चुके हैं.

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मोदी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री राजयवर्धन सिंह राठौड़ के मुताबिक 640 मिलियन डॉलर सरकारी योजनाओं के विज्ञापनों पर ख़र्च किये गए हैं.

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आंकड़ों के मुताबिक़, 15 जून, 2014 से लेकर 10 जून, 2018 के दौरान प्रधानमंत्री के विमान के रख-रखाव पर 1088.42 करोड़ रुपये, जबकि चार्टर्ड उड़ानों पर 387.26 करोड़ रुपये ख़र्च किए गए. वहीं हॉटलाइन पर कुल 9.12 करोड़ रुपये ख़र्च किये गए.

सिर्फ़ एक दौरे पर 31 करोड़ से अधिक ख़र्च

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RTI के जवाब में मिली जानकारी के मुताबिक़, सरकार ने पीएम मोदी की फ़्रांस, जर्मनी और कनाडा यात्रा पर 9 दिनों में कुल 31,25,78,000 रुपये ख़र्च किए थे, जबकि सबसे सस्ता विदेशी दौरा 2014 में भूटान का रहा. इस दौरे पर करीब 2.5 करोड़ रुपए ख़र्च हुए थे.

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इस दौरान वीके सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का उद्देश्य व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, विकास भागीदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में इन देशों के साथ परस्पर सूझबूझ बढ़ाना है. इस दौरान हमारे राजनयिक पहुंच में इजाफ़ा हुआ है. साथ ही सरकार के राष्ट्रीय विकास के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हमारे विदेशी सहभागियों की प्रतिबद्धता भी बढ़ी है.

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इन यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, चीन के राष्ट्रपति शी-जिनपिंग, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे दुनिया के बड़े नेताओं के साथ राजनैतिक मुलाक़ात कर चुके हैं.

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