'स्वच्छ भारत अभियान' की जब शुरुआत हुई थी, नेता, अभिनेता से ले कर सरकारी अधिकारी तक साफ़-सफ़ाई करते हुए अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रहे थे. अब जबकि इस अभियान को दो साल से ऊपर हो चुके हैं, शायद ही कोई अधिकारी या नेता कहीं झाड़ू लगाता हुआ दिखाई देता है.

इन सब के उल्ट एक अधिकारी ऐसा भी है, जो बिना किसी मीडिया कवरेज के इस अभियान को आज भी अकेले ही आगे ले कर जा रहा है. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय में सचिव के पद पर तैनात परमेश्वरम अय्यर इसकी एक जीती-जागती मिसाल हैं. स्वच्छ भारत अभियान से जुड़े वरिष्ठ IAS अधिकारी परमेश्वरम अय्यर, वारंगल के गंगादेवीपल्ली में 'ट्विन पिट टॉयलेट टेक्नोलॉजी' पर बात करने के लिए पहुंचे थे. यहां वो लोगों को बता रहे थे कि टॉयलेट पिट की सफ़ाई करना पूरी तरह से सुरक्षित और स्वच्छ काम है. भारत में इस काम को एक खास हिस्से से जोड़ कर देखा जाता है. इस मानसिकता को तोड़ने के लिए परमेश्वरम खुद फावड़ा ले कर गटर में गए और उसकी सफ़ाई करके लोगों को सन्देश देने की कोशिश की.

उनके इस कदम की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी 'मन की बात' के दौरान तारीफ़ की.