मनोरोगों के अलावा, कई लोगों में व्यवहार के विकार भी होते हैं. इन्हीं डिसऑर्डर्स में से एक है 'Passive-Aggressive Behavior', यानि निष्क्रिय आक्रामक व्यवहार.

इस किस्म के लोगों के साथ ताल-मेल बिठाना बेहद मुश्किल होता है. ये लोग ज़िद्दी होते हैं और इन्हें मन में नफ़रत भर कर रखने की आदत होती है. ये लोग अपनी कमियां नहीं देख पाते और खुद को हमेशा सही मानते हैं. ये जानते हुए भी कि वो सही नहीं हैं, वो आखिर तक लड़ते रहते हैं.

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कैसे पहचानें ऐसे लोगों को?

इस प्रवृत्ति के लोग अपनी नकारात्मक भावनाएं सीधे नहीं दिखाते हैं, इसलिए इन्हें पहचानना ख़ासा मुश्किल होता है.

1. वो आलोचना भी तारीफ़ में लपेट कर पेश करते हैं.

शुरू में ये दोस्ताना और मिलनसार लगते हैं. कई बार उनके जाने के बाद आपको महसूस होता है कि उनकी तारीफ़ में असल में नफ़रत छुपी थी. अगर वो आपको पसंद नहीं करते, तो आपके बारे में अफ़वाहें भी फैला सकते हैं.

2. वो आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं और आपको पता भी नहीं चलेगा

वो आपको नुकसान पहुंचाने के लिए आपको गुमराह कर सकते हैं. वो आपसे किसी काम के लिए कह देंगे कि वो ये कर सकते हैं और बाद में पीछे हट सकते हैं.

3. चुप रह कर टॉर्चर करना

जब आप इनसे पूछेंगे कि उनके चुप रहने की वजह क्या है, तो वो कह देंगे 'कुछ नहीं'. लेकिन ये उनके टॉर्चर करने का तरीका होता है.

4. उन्हें हमेशा लगता है कि दुनिया उनके खिलाफ़ है

उन्हें लगता है कि सारी दुनिया उनके खिलाफ़ साज़िश कर रही है और उनके साथ नाइंसाफ़ी हो रही है.

5. व्यंग्यपूर्ण बातें

व्यंग्य इनका पसंदीदा हथियार होता है. ये मज़ाक के ज़रिये अपने दिल की कड़वाहट निकालते हैं.

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इनसे कैसे निपटें?

इनसे निपटना या इनकी नकारात्मकता को खुद तक न पहुंचने देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. ये लोग अन्दर से डरे हुए होते हैं. आपको इनकी छुपी हुई नकारात्मकता की आदत नहीं डालनी चाहिए, इससे उन्हें बढ़ावा मिलता है. आप उन्हें पूरी तरह बदल नहीं सकते, लेकिन उनके साथ कैसे डील करना है, ये ज़रूर सीख सकते हैं. अपना धैर्य बनाए रखें. उनकी बातें आपको आहत कर रही हों, तो दूरी बना लें, बहस करने का या लड़ने का कोई फ़ायदा नहीं है.

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