पोंज़ी स्कैम का मास्टरमाइंड अनुभव मित्तल न केवल लोगों को ठगने में माहिर था बल्कि अपने बिज़नेस की ब्रैंडिंग को बेहतर करने के लिए चुनिंदा फिल्मी सितारों के संपर्क में भी था. स्पेशल टास्क फ़ोर्स द्वारा जारी कुछ तस्वीरों में इस बात का खुलासा हुआ है.

स्पेशल टास्क फ़ोर्स के मुताबिक, पिछले साल 29 नवंबर को एक ई-कॉमर्स पोर्टल लॉंच के अवसर पर अनुभव मित्तल को मशहूर एक्ट्रेस सनी लियोनी के साथ देखा गया था. ग्रेटर नोएडा के होटल क्राउन प्लाज़ा में आयोजित इस समारोह में सनी लियोनी भी गेस्ट लिस्ट में शामिल थीं.

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स्पेशल टास्क फोर्स के डीएसपी, राज कुमार मिश्रा ने बताया कि 1978 के प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम एक्ट के मुताबिक इस तरह की किसी भी स्कीम का प्रचार गैर कानूनी है और हमारे पास कई ऐसी तस्वीरें और सबूत हैं जिनमें सनी लियोनी को इस प्रमोशनल इवेंट में देखा जा सकता है. इस मामले में जरूरत पड़ने पर सनी से पूछताछ भी की जा सकती है. 

अभिनव मित्तल पर इल्ज़ाम है कि उसने 6 लाख 50 हजार निवेशकों से 3700 करोड़ ठगे हैं. एक पोंज़ी स्कीम के सहारे मित्तल ने अपने इस नकली बिजनेस मॉडल का निर्माण किया था. इस बिजनेस के तहत लोगों को फेसबुक पर कई अलग-अलग वेब पेज लाइक और प्रमोट करने पर पैसे मिलते थे लेकिन इसके लिए लोगों को एक फीस चुकानी पड़ती थी जिसकी कीमत 5,750 से लेकर 57,500 रूपए तक हो सकती थी.

जांच में सामने आया कि मल्टी लेवल मार्केटिंग और पोंज़ी स्कीमों को चार फर्म्स यानि एब्लेज़, सोशल ट्रेड प्राइवेट लिमिटेड, 3W डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड और इंटमार्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा चलाया जा रहा था. अनुभव मित्तल और उसके दोस्त इन चार कंपनियों का संचालन करते थे. 

गौरतलब है कि 26 साल के अभिनव ने गाजियाबाद से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी और 2010 में अपनी कंपनी को रजिस्टर भी करा लिया था लेकिन उसके बिजनेस को पंख 2015 में ही लगने शुरु हुए थे जब उसने सोशल मीडिया पर लाइक्स को बेचने का ये आइडिया शुरु किया था.

हैरानी वाली बात ये है कि इंटरनेट पर सामूहिक ठगी की सबसे बड़ी घटनाओं को अंजाम देने वाले अभिनव मित्तल को कई लोगों का समर्थन भी प्राप्त था. गिरफ्तार होने के कुछ ही देर बाद कई निवेशकों ने उसके ऑफिस के बाहर पहुंचकर मित्तल के समर्थन में नारे लगाए थे. 

पुलिस को ये समझ नहीं आ रहा था कि ऑनलाइन ठगी को अंजाम देने वाले इस शख़्स के सपोर्ट में आखिर इतने सारे लोग क्यों इकट्ठा हैं. वहीं निवेशकों का कहना था कि मित्तल ने अपने वादों को हमेशा निभाया है और उसकी गिरफ्तारी प्रतिद्विंदी कंपनियों की साजिश भी हो सकती है.