गुस्सा आता है न? जब कोई आपकी बहन को भीड़ से भरे बाजार में छेड़ता है और लोग देख के भी अंजान बने रहते हैं. दिल करता है कसम से छेड़ने वालों को इतना मारे, इतना मारे की उसकी जान ले लें. पर यही गुस्सा उस टाइम कहां चला जाता है, जब कॉलेज के कार्नर वाले चाय की दुकान पर सिगरेट पीते हुए आप लड़कियों को आते-जाते देखते हैं?

हम कोई ज्ञान नहीं बांट रहे और न कोई ज्ञान दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर आप भले ही वीमेन एम्पावरमेंट की बात करें, बंगलुरु में जो हुआ उसके लिए लंबी-चौड़ी कहानियां लिखें. पर एक असलियत ये भी है कि यू ट्यूब के अलावा अन्य मीडिया चैनेलों पर उन्हीं चीजों को देखना चाहते हैं, जिनमें हंसी-मज़ाक के नाम पर लड़कियों को छेड़ा जाता है.

आपके लिए ये सब तो एक मनोरंजन का जरिया है, पर कई बार आपका यही मनोरंजन किसी को कितना आहात करता है, शायद ही आपको इसका अंदाज़ा हो?

यू ट्यूब पर ऐसे कई चैनल हैं, जो अपने लाइक और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए लड़कियों को खिलौना बनाये घूमते हैं और ऐसी-ऐसी भद्दी हरकतें करते हैं कि खुद शर्म को भी शर्म आ जाये. पर हमें क्यों शर्म आने लगी? हमें तो मनोरंजन चाहिए.

पर कुछ लोग ऐसे हैं, जिन्हें शर्म भी आती है और गुस्सा भी. अब जैसे मशहूर रैपर 'रफ़्तार' को ही ले लीजिये, जिन्हें एक ऐसा ही यू ट्यूबर मिला. रफ़्तार ने यू ट्यूबर की वीडियो को शेयर करते हुए जम कर उसे लताड़ा और महिलाओं की इज़्ज़त करने को कहा.

हालांकि इस रफ़्तार द्वारा वीडियो पर लताड़ने के बाद उस यू ट्यूबर ने एक और वीडियो बनाया, जिसमें उसने पहले बनाये गए वीडियो के माफ़ी मांगी और पुराना वीडियो हटा लिया.