हर सिगरेट पीने वाले ग्रुप में ऐसे लोग होते हैं, जो लाइट और माइल्ड जैसे ब्रांड्स को तहरिज देते हैं. इसके पीछे उनका मानना होता है कि ये ब्रांड्स दूसरों की तुलना में कम नुकसानदायक होते हैं.

अगर आप भी ऐसा ही मानते हैं, तो संभल जाइये क्योंकि हाल ही में आई रिसर्च के अनुसार ये सिगरेट लंग्स कैंसर के ख़तरे को दोगुनी रफ़्तार से बढ़ाती हैं.

तम्बाकू उद्योग में इन सिगरेट्स की पहचान कम टार लेवल के रूप में होती है, जिसे कंपनियां स्वास्थ्य के दायरे में बताती हैं. वहीं रिसर्चर इन सिगरेट्स को ले कर दावा करते हैं कि ये कैंसर के लिए अन्य सिगरेट की तुलना में ज़्यादा ख़तरनाक है.

नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट ने अपने जर्नल में दावा किया है कि इन सिगरेट्स के फ़िल्टर को हवादार बनाया जाता है, जिसकी वजह से स्मोक करने पर ज़्यादा टॉक्सिन आपके लंग्स तक पहुंचता है.

अमेरिका की Ohio State University के प्रोफ़ेसर Peter Shields का कहना है कि 'इस तरह के फ़िल्टर का इस्तेमाल 50 साल पहले ही शुरू हुआ था. ये शायद उन मूर्खों की ही देन था, जो मानते थे कि ये दूसरी सिगरेट की तुलना में सुरक्षित है.'

रिसर्च के सामने आने के बाद कहा जा रहा है कि US का Food and Drug Administration इस तरह की सिगरेट पर जल्द ही बैन लगा सकता है.

हां तो दोस्तों आप भी सावधान हो जाइये, क्योंकि अपने यहां सिगरेट महंगी ज़रूर हो जाएगी, पर बैन होने का सवाल ही नहीं उठता.