7 साल के स्टूडेंट की स्कूल में हत्या के बाद भोंडसी का रायन इंटरनेशनल स्कूल बीते सोमवार को खुला, लेकिन कई अभिभावकों और बच्चों ने स्कूल से दूरी बनाए रखी. प्रद्युमन के बेस्ट फ्रेंड समेत दूसरी कक्षा के कई बच्चे इस घटना से बेहद सहमे हुए हैं. कई पैरंट्स अपने बच्चे की आगे की पढ़ाई इस स्कूल में नहीं होने देना चाहते और टीसी कटवाने की बात कर रहे हैं.

वहीं प्रद्युम्न का बेस्ट फ़्रेंड सदमे में है. इस बच्चे के पिता का कहना था कि 'मेरा बेटा इस घटना के बाद से काफ़ी डरा हुआ है. उसने प्रद्युम्न की बॉडी को पूल में देखा था जहां उसका खून फ़ैला हुआ था. स्कूल में पुलिस की भारी भरकम मौजूदगी से भी वह डरा हुआ था. उस दिन के बाद से ही वो ठीक से सो नहीं पाया है और हम एक काउंसलर के पास जाने की तैयारी कर रहे हैं ताकि उसे इस सदमे से बाहर लाया जा सके.'

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दूसरी क्लास के इस छात्र ने बताया 'उस दिन मेरा बर्थ डे था और मैं अपने दोस्त के लिए एक्सट्रा चॉकलेट्स लेकर आया था. लेकिन मैं उससे मिल नहीं पाया. जब मैं स्कूल पहुंचा तो उसे मार दिया गया. जब मेरे सीनियर्स ने बताया कि उसे मार दिया गया है तो मैं बहुत रोया. मैंने अपने जन्मदिन के दिन ही अपने बेस्ट फ़्रेंड को खो दिया'.

उसने कहा कि 'हम दोनों साथ ही बैठते थे, साथ में खाना खाते थे. उसे मिठाई बहुत पसंद थी. किसी का भी बर्थ डे होने पर वो खुश हो जाता था. जब से उसकी मौत हुई है, मैं ठीक से सो नहीं पा रहा हूं और मैं उस क्लास में जाने की हिम्मत नहीं कर सकता. मुझे ऐसा लगता है कि वो मेरे साथ ही है और मेरे साथ वॉक कर रहा है. मुझे इसलिए डर लगता रहता है.'

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सोमवार को घटना के 10 दिन बाद रायन इंटरनेशनल स्कूल खुला. प्रद्युमन की क्लास के 34 में से केवल 5 बच्चे ही स्कूल पहुंचे थे. क्लास के कई बच्चे रूम में जाने से डर रहे थे इसलिए क्लास को एक फ़्लोर ऊपर शिफ़्ट करा दिया गया.

वहीं प्रद्युम्न की क्लास के एक और छात्र आदित्य राज सिंह चौहान का कहना था, 'मैं दोबारा इसी स्कूल में नहीं पढ़ना चाहता, वो मेरा बहुत अच्छा फ़्रेंड था और मैं जहां भी जाता था वो मुझे फ़ॉलो करता था. लेकिन उसके मरने के बाद से मुझे स्कूल की बिल्डिंग में घुसने में भी बहुत डर लगता है.

आदित्य के पिता अमर सिंह चौहान के मुताबिक, 'मेरा बेटा अपने कमरे में अकेला सोता था लेकिन उस दिन के बाद से वो हमारे साथ ही सोता है और बाथरूम जाते वक़्त वो बहुत घबराता है. मैं अपने बच्चे को इस हालत में नहीं छोड़ सकता. वो मुझसे हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करता है कि उसे दोबारा रयान स्कूल में न भेजा जाए.'

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वहीं सेकेंड क्लास में पढ़ने वाली एक लड़की की मां स्वाति सिंह का कहना था, 'मेरी बेटी चाहती है कि मैं उसे स्कूल के गेट तक छोड़ कर आऊं. कई बच्चे इस घटना से बेहद सहम गए हैं. लेकिन हम ज़्यादा दिन क्लास मिस भी तो नहीं करा सकते. इस हत्या ने कई लोगों की ज़िंदगियां बदल दी हैं.

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