विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की शादी निपट गई. मीडिया से लेकर लोगों में इस कदर हल्ला था मानो इस शादी पर भारत की इकोनॉमी टिकी हो. खास बात ये है कि एक हफ़्ता पहले ही भारतीय फ़ुटबॉल सनसनी सुनील छेत्री की भी शादी हुई थी लेकिन इस इवेंट को लेकर लोग तो अंजान थे ही, मीडिया को भी मानो जैसे सांप सूंघ गया था.

खैर, ये बात किसी से छिपी नहीं है कि भारत में क्रिकेट एक धर्म है और क्रिकेट के अलावा दूसरे स्पोर्ट्स के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता रहा है और इसकी बानगी गाहे बगाहे हमें देखने को मिलती ही रही है और अब ऐसा ही एक और मामलाृ सामने आया है.

हाल ही में टेनिस सुपरस्टार सानिया मिर्जा ने महिला जूनियर हॉकी टीम का एक वीडियो शेयर किया है और सवाल उठाया है कि क्या इस तरह खिलाड़ियों को ट्रीट कर चैंपियन पैदा किए जा सकते हैं?

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इस वीडियो को शेयर करते हुए सानिया ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर लिखा

वाह. और फिर हम सवाल करते हैं कि आखिर क्यों भारत में चैंपियन खिलाड़ी पैदा नहीं होते हैं. मुझे नहीं पता कि इस मामले में कौन दोषी है लेकिन मैं उम्मीद करती हूं कि ये इन लोगों और प्रशासन तक पहुंचेगा और इस मामले में जल्दी ही कुछ किया जाएगा. ये बहुत ज़्यादा दिनों से चल रहा है और समय है कि सरकार खिलाड़ियों पर ध्यान दे. 

अपनी दशा बताते हुए खिलाड़ियों ने कहा कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में अपने दो मैच मिस कर दिए क्योंकि किसी भी तरह का ट्रांसपोर्ट न होने के चलते वे ग्राउंड पर ही नहीं पहुंच पाई और एक नहीं बल्कि दो बार भारतीय टीम के मैच मिस हुए. टीम ने ये भी दावा किया कि हर खिलाड़ी के लिए तीन लाख डॉलर का बंदोबस्त भी था लेकिन उनके लिए न खाने का ही ढंग का इंतज़ाम था और न हीं ट्रांसपोर्ट का.

एक खिलाड़ी ने बताया कि एक घंटा बचा था जब किसी ने बोला कि मेट्रो से जाना पड़ेगा. मेट्रो से आते टाइम लग गया तो आज का मैच भी मिस हो गया. इंडिया की हॉकी टीम तरक्की कैसे करेगी, जब कुछ मिल नहीं रहा है बाहर आके.

इस वीडियो को एडिलेड में एक टैक्सी ड्राइवर ने शूट किया है. इस ड्राइवर ने पूरी कोशिश की कि वो खिलाड़ियों को समय पर स्टेडियम पहुंचा सके लेकिन ऐसा हो नहीं पाया.

गौरतलब है कि ये वीडियो वायरल हो चुका है लेकिन इस वीडियो के आने के बाद कई सवाल मंडरा रहे हैं, मसलन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने इस टूर के लिए कोई अप्रूवल हीं नहीं दिया था.

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया और टीम के बीच इस विवाद के बीच अच्छी खबर ये है कि सिख एसोसिएशन ऑफ़ एडिलेड इन खिलाड़ियों की मदद करने के लिए आगे आया है. स्थानीय गुरूद्वारे से इन लड़कियों को खाने और कपड़ों की सुविधा भी पहुंचाई है. इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए ट्रांसपोर्ट का भी इंतज़ाम कराया है.

सिख एसोसिएशन ऑफ़ एडिलेड ने भले साबित कर दिया हो कि इंसानियत के मामले में सिख से बेहतर कौम कोई नहीं होती लेकिन हमें ये कतई नहीं भूलना चाहिए कि क्रिकेट को छोड़कर हम अपने सभी खिलाड़ियों के साथ सौतेला व्यवहार करते आए हैं और आज भी कर रहे हैं.