अभी हाल ही में हेल्थ मिनिस्ट्री ने 328 दवाईयों की मैन्यूफ़ैक्चरिंग, सेल्स और डिस्ट्रिब्यूशन को बैन कर दिया है जो कि अनसेफ़ हैं. इन दवाईयों में कई एंटीबॉयोटिक, पेनकिलर और मलहम तो ऐसे हैं, जो लोगों के बीच काफ़ी परिचित हैं. इनमें से एक दवाई है सैरिडॉन.

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इंडिया में सिरदर्द ख़त्म करने के लिए सबकी पहली पसंद सैरिडॉन का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. लोगों ने सरकार के इस फैसले को अच्छा बताया है, लेकिन लोग सैरिडॉन बैन होने को लेकर चिंता में हैं.

सैरिडॉन के बैन होने के बाद सोशल मीडिया पर कई प्रतिक्रियाएं दिखाई दीं. कई लोग सोशल मीडिया पर सैरिडॉन को लेकर मज़े भी ले रहे हैं. वहीं कई लोगों का ये सवाल है कि अब उन्हें सिरदर्द से कैसे राहत मिलेगी, अब सैरिडॉन की जगह क्या आएगा?

आपकी जानकारी के लिए बता दें, मिनिस्ट्री और इन दवाईयों को बनाने वाले मैन्यूफैक्चरर्स के बीच 2016 से लीगल वॉर चल रही थी. सुप्रीम कोर्ट ने 'ड्रग टेक्निकल एडवाइज़री बोर्ड' यानि DTAB से इन दवाईयों की जांच करने के लिए कहा था. जिसके बाद अब DTAB ने कोर्ट को 328 दवाईयों की लिस्ट दी, जो कि इंसानों के लिए अनसेफ़ हैं.