Stanislav Petrov, शायद ही ये नाम आपने सुना हो. Stanislav की वजह से USSR यानि सोवियत संघ ने अमेरिका पर परमाणु हमले नहीं किये. वे USSR के मिलिट्री ऑफ़िसर थे.

Stanislav नहीं रहे, पर हमारी नॉर्मल लाइफ़ का श्रेय इन्हीं को जाता है.

Stanislav की कहानी को एक डॉक्युमेंट्री 'The Man Who Saved The World' द्वारा दिखाया गया. इसे 2014 में रिलीज़ किया गया. इतनी शौहरत के बावजूद Stanislav के बेहद सादा जीवन जीते थे, इतना सादा कि मृत्यु के कई महीनों बाद दुनिया को पता चला कि उनकी मृत्यु हो गई है.

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19 मई को ही Stanislav की मौत हो गई थी. लेकिन दुनिया को उनकी मृत्यु का अब जाकर यानि कि सितंबर में चला. 7 सितंबर को जन्मदिन की बधाई देने के लिए जर्मनी के पॉलिटिकल एक्टिविस्ट, Karl Schumacher ने उन्हें फ़ोन किया तब Stanislav के बेटे ने उनकी मौत की ख़बर दी.

Stanislav के मौत की वजह अब तक पता नहीं है.

ऐसे बचाया तबाही से दुनिया को-

26 सितंबर, 1983 को Stanislav अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, आधी रात को उन्होंने रडार पर देखा कि USSR की तरफ़ एक मिसाइल बढ़ रही है. इसके बाद उन्होंने 4 अन्य मिसाइलों के लॉन्च होने का संकेत देखा. उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था पर उन्होंने अपने 200 सहकर्मियों से चिंता ना करने की अपील की. उनके सामने जो स्क्रीन थी उस पर लिखा था 'START'. अगर उन्होंने ये बटन दबाया होता तो इसका मतलब होता परमाणु हमले की तैयारी की शुरुआत. उनके पास सोचने के लिए बेहद कम वक़्त था.

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इतने प्रेशर में भी उन्होंने धैर्य नहीं खोया. उन्हें ये तय करना था कि ख़तरा असली है भी या नहीं.

उन्होंने अपने अफ़सरों को फ़ोन किया और कहा कि अलार्म सिस्टम की गड़बड़ी के कारण बजा है और घबराने की कोई बात नहीं है. एक अख़बार से बातचीत में उन्होंने बताया,

'मैं कोई ग़लती नहीं करना चाहता था. मुझे एक निर्णय लेना था और मैंने ले लिया.'

बाद में ये पता चला कि कर्नल Stanislav सही थे. जो सोवियत संघ के रडार पर नज़र आया था, वो सूर्य की किरणें थी, US द्वारा दागी मिसाइल नहीं.

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उस वक़्त इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए Stanislav की सराहना नहीं की गई. उनके सुपीरियर्स को सिस्टम की गड़बड़ी के कारण डांटा गया. 10 साल से भी ज़्यादा समय तक Stanislav के इस निर्णय को दुनिया से छुपाकर रखा गया. यहां तक कि उनकी बीवी को भी इसके बारे में कुछ भी नहीं पता था. ऐसे महान काम करने वाले व्यक्ति के जीवन में एक दिन ऐसा भी आया जब उन्हें आलू उगाकर गुज़ारा करना पड़ा.

1998 में Colonel General Yury Votintstevने रिपोर्टर्स को Stanislav के निर्णय के बारे में बताया. इसके बाद Stanislav पर अवॉर्ड्स की वर्षा होने लगी. 2013 में उन्हें Dresden Peace Prize से नवाज़ा गया. उसी Dresden के द्वारा जो शायद पैदा ही नहीं होते अगर उस दिन USSR ने परमाणु हमला कर दिया होता.

Stanislav को गज़बपोस्ट की तरफ़ से भावपूर्ण श्रद्धांजलि.