जमशेदपुर एफ़सी के स्ट्राइकर गौरव मुखी हाल ही में 'इंडियन सुपर लीग' के दौरान 16 साल की उम्र में गोल दागने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे. अब उनकी उम्र को लेकर ही सवाल खड़े हो गए हैं. उम्र विवाद बढ़ने के बाद 'ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन' ने इस स्ट्राइकर को सस्पेंड कर दिया है.

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'ऑल इंडिया फ़ुटबॉल फ़ेडरेशन' की अनुशासनिक कमेटी ने गौरव को सम्मन भेजकर 24 नवंबर को मुख्यालय में उपस्थित होकर सुनवाई में शरीक होने के आदेश दिए हैं. इस मामले में अंतिम फ़ैसला आने तक गौरव किसी भी मैच में खेल नहीं सकेंगे.

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दरअसल, गौरव मुखी की उम्र को लेकर विवाद इसी साल अक्टूबर में सामने आया था. ये विवाद उस वक़्त शुरू हुआ जब 'इंडियन सुपर लीग' के दौरान जमशेदपुर एफ़सी से खेलते हुए गौरव ने शानदार प्रदर्शन कर बेंगलुरू एफ़सी के ख़िलाफ़ 2-2 की बराबरी करके मैच ड्रॉ कराया था. गौरव ने 'इंडियन सुपर लीग' में अपनी उम्र 16 साल बताई है. इसी को लेकर लोगों को शक़ हुआ तो मामला बढ़ने लगा.

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गौरव मुखी ने पासपोर्ट में अपना बर्थ ईयर 2002 बताया है, जबकि आज से तीन साल पहले अंडर-16 'कोका कोला फ़ुटबॉल टूर्नामेंट' के दौरान गौरव ने जो प्रमाण पत्र सौंपे थे, उसमें उनका बर्थ ईयर 1999 लिखा हुआ है. वहीं झारखंड फ़ुटबॉल के एक धड़े द्वारा मीडिया तक पहुंचाई गई रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि 2015 में खेले गए मैचों के दौरान भी गौरव ने अपना बर्थ ईयर 1999 ही बताया था.

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गौरव की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. इन सब आरोपों के बाद उनके साथी खिलाड़ी और झारखंड की अंडर-15 चैंपियन टीम के सदस्य रहे 4 खिलाड़ियों का भी कहना है कि गौरव ओवर ऐज हो चुके हैं.

विकिपीडिया के मुताबिक़ गौरव मुखी की जन्म तिथि 1 जुलाई, 1989 है.

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Telegraph के मुताबिक़ गौरव मुखी की असल उम्र 28 साल है. वो पिछले कई सालों से अपनी उम्र छुपाते आ रहे हैं.

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फ़ेडरेशन के सचिव कुशाल दास का कहना है कि इस मामले को संबंधित समिति को सौंप दिया गया है और सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी.

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गौरव मुखी जमशेदपुर के धतकीडीह के निवासी हैं. एआइएफ़एफ़ के शुरुआती रुख़ से तो यही लग रहा है कि गौरव मुसीबत में फंस सकते हैं. फ़ैसला उनके ख़िलाफ़ आने पर उनका फ़ुटबॉल करियर भी ख़त्म हो सकता है.

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